ये बात कहने से कैसे मेंटल साबित हो गए अखिलेश य़ादव

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यूपी किरण ब्यूरो

लखनऊ।। अखिलेश यादव के शहीदों के दिए गए बयान पर लगातार सोशल मीड‍िया पर रिएक्शन्स आ रहे हैं। उनके इस बयान के बाद ”यूपी, मध्य प्रदेश के जवान ही क्यों शहीद होते हैं, गुजरात के क्यों नहीं” पर गुजरात के शहीदों की फैमिली ने यूपी के पूर्व सीएम के बयान की निंदा की है।

उनका कहना है कि अखिलेश यादव का ये बयान पूरी तरह से गलत है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ हुई लड़ाई में शहीद हुए लॉयन्सनायक के पि‍ता तो यहां तक कहते हैं, ”अख‍िलेश गुजरात के गधों की बात करते हैं और अब उन्होंने साबित कर दिया है कि उनके पास गधे जैसा दिमाग भी नहीं है।”

अखिलेश का द‍िल दहलाने वाला बयान

अंग्रेजी अखबार अहमदाबाद मिरर ने गुजरात के कई शहीदों की फैमिली से मुलाकात की। 1999 में कारगिल वॉर के दौरान शहीद हुए मुकेश राठौड़ की पत्नी राजश्री कहती हैं, ”अखिलेश का बयान दिल दहलाने वाला है।

हम तबसे इस पर बात कर रहे हैं, शहीद किसी राज्य से नहीं होते, वे देश के होते हैं। उन्हें खोना राज्य का नहीं, बल्कि देश का नुकसान है।”

जब राजश्री ने अपने पति को खोया, तब वे 5 महीने की प्रेग्नेंट थीं। आज उनका लड़का 17 साल का हो चुका है। मुकेश की मां समजू बेन रोते हुए बताती हैं, ”जिन्होंने अपना बेटा, पति, भाई या पिता खोया है, वही हमारे दर्द को समझ सकते हैं।

मेरा बेटा गुजरात के उन 13 जवानों में से एक था, जो कारगिल की लड़ाई में शहीद हुआ। हमारे दुख और नुकसान की भावना अखिलेश जैसे राजनीतिज्ञों की समझ से परे है।”

अख‍िलेश को गुजरात के बारे में पता ही नहीं

1987 में सियाचिन ग्लेशियर पर पाकिस्तानी जवानों को खदेड़ने के दौरान भारत के 11 जवान शहीद हुए थे। इनमें 65 साल के जगदीश सोनी के भाई कैप्टन नीलेश सोनी भी शहीद हुए थे।

जगदीश कहते हैं, ”ये देखते हुए मुझे काफी दुख होता है कि शहीदों को अब राज्यों के आधार पर अलग किया जा रहा है। मेरे हिसाब से अखिलेश को गुजरात के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है। उन्हें ऐसा तुच्छ कमेंट नहीं करना चाहिए था।”

माएं बेटों को राज्य के आधार पर अलग नहीं करतीं

कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास कुपवाड़ा जिले में एक सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से लड़ते हुए मारे गए शहीद मेजर रुशिकेश रमाणी की 54 साल की मां गीता रमाणी कहती हैं, ”मैंने रुशिकेश को जन्म दिया और भारत मां ने उसे पाला।

माएं अपने बेटों को राज्य, जाति या धर्म के आधार पर अलग नहीं करती हैं।” गुजरात से कोई शहीद नहीं होता, ये कहते हुए अखिलेश जी ने पॉलिटिकल बयान दिया है।

अख‍िलेश जी को बयान देने से पहले चेक करने चाह‍िए फीगर्स

गीताबेन के ब्रदर-इन-लॉ इंडियन एयरफोर्स में शामिल हैं। वे कहती हैं, ”मैं ऐसे 10 नाम अखिलेश जी को बता सकती हूं जो गुजरात से हैं और जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी है।”

”हम ज्यादातर उन परिवारों के टच में हैं, जिन्होंने अपना बेटा, भाई, पति या भाई खोया है। अखिलेश जी को ऐसे बयान देने से पहले फीगर्स को चेक कर लेना चाहिए।”

अख‍िलेश ने साब‍ित किया क‍ि उनके पास गधे जैसा द‍िमाग भी नहीं

इस साल जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ हुई लड़ाई में शहीद हुए लॉयन्सनायक गोपाल सिंह भदौरिया के पिता मुनीम सिंह कहते हैं,

”अखिलेश जी यूपी में सत्ता से बाहर हो गए हैं और इसी के साथ उन्होंने शिष्टाचार और मेंटल बैलेंस खो दिया है। ऐसे बयानों से वे देश को बांटना चाहते हैं।”

अखिलेश पर कमेंट करते हुए उन्होंने कहा, ”एक आदमी जो अपने पिता का बेटा न हो सका, निश्च‍ित है वो देश का बेटा नहीं हो सकता। वह यूपी में विभाजन और रूल टैक्ट‍िक्स का सहारा ले रहे हैं।”

”उन्होंने हिंदुओं और मुस्ल‍िमों के साथ राजपूतों, ठाकुरों, ब्राह्मणों को भी बांटने का काम किया है। इसी वजह से वह यूपी में सत्ता से बाहर हो गए। देश की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।”

”वह गुजरात के गधों की बात करते हैं और अब उन्होंने साबित कर दिया है कि उनके पास गधे जैसा दिमाग भी नहीं है।”

क्या कहना है पूर्व लेफ्ट‍िनेंट का?

पूर्व लेफ्ट‍िनेंट कर्नल एसपी सिंह कहते हैं, ”अखिलेश यादव का ये बयान नासमझी में दिया गया है। आर्मी में कहीं किसी सैनिक या कर्मचारी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता है।”

”हर राज्य की आबादी के हिसाब से वहां के लिए वैकेंसी निकाली जाती है। हर राज्य की अपनी अलग वैल्यू है, पूरा देश एक है। अख‍िलेश जी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था।”

”सेना में राजनीति नहीं होती, इसीलिए वहां र‍िजर्वेशन भी नहीं होता। जिसमें जितना टैलेंट होता है, वो उतनी ऊंचाई पाता है। सबके लिए वैकेंसी ओपन होती है। अखिलेश खुद मिलिट्री स्कूल से पढ़े हैं, कम से कम उन्हें तो ऐसा नहीं कहना चाहिए था।”

फोटोः फाइल

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