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Autism In Babies: ऑटिज्म यानी ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एक विकासात्मक विकलांगता है जो मस्तिष्क में अंतर के कारण होती है। इससे पीड़ित कुछ लोगों में इसके कारण अनुवांशिक स्थिति माने जाते हैं। लेकिन, इसके अन्य कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं। शोध के अनुसार, गर्भधारण, गर्भावस्था और यहां तक ​​कि प्रसव के दौरान होने वाले परिवर्तनों के कारण, उन बच्चों में ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है, जो आनुवंशिक रूप से इस बीमारी के अधिक शिकार होते हैं। आइए जानते हैं कि क्या शिशु में ऑटिज्म की समस्या गर्भावस्था के दौरान ही पता चल सकती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

 

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क्या गर्भावस्था के दौरान ही शिशु में ऑटिज्म की समस्या का पता चल सकता है?
एक अध्ययन के मुताबिक गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के दिमाग में अंतर पाया गया है। जबकि शोधकर्ता सटीक कारण का पता नहीं लगा पाए हैं, आत्मकेंद्रित कई कारकों के संयोजन से विकसित होता प्रतीत होता है। कुछ मामलों में मुख्य रूप से कुछ अनुवांशिक कारण हो सकते हैं और कई मामलों में पर्यावरणीय कारण भी हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह दोनों की परस्पर क्रिया का परिणाम होता है। लेकिन, ज्यादातर मामलों में, डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों का निदान नहीं कर पाते हैं। आइए, जानते हैं गर्भावस्था के दौरान बच्चे को ऑटिज्म से कैसे बचाएं।

गर्भावस्था के दौरान बच्चे को ऑटिज्म से कैसे बचाएं?
 आप इस स्थिति से बच्चे को नहीं बचा सकते। लेकिन, आप एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर एक स्वस्थ बच्चा होने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं:
आप सही आहार, व्यायाम और नियमित जांच से स्वस्थ रह सकते हैं। इससे आपका बच्चा भी स्वस्थ रहेगा। डॉक्टर द्वारा बताए गए सप्लीमेंट और विटामिन लेना न भूलें।

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-गर्भावस्था के दौरान कोई भी दवा न लें। कोई भी दवाई लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

-गर्भावस्था के दौरान शराब और मादक पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।

-यदि आप सीलिएक रोग या अन्य किसी स्थिति से पीड़ित हैं, तो गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह का पालन करते हुए उन्हें नियंत्रण में रखें।

-टीका लगवाएं। गर्भावस्था से पहले आपको रूबेला का टीका लगवाना चाहिए। इससे आप बच्चे को रूबेला से जुड़े ऑटिज्म से बचा सकते हैं।