112 साल पहले जब एक जबरदस्त विस्फोट के कारण कांप उठी थी धरती, आज भी रहस्य बना हुआ है इसके पीछे का कारण

नई दिल्ली: 30 जून 1908 को रूस के साइबेरिया में पोडकामेन्या तुंगुस्का नदी के पास हवा में जबरदस्त धमाका हुआ. इस विस्फोट से धरती कांप उठी। जहां धमाका हुआ वहां से करीब 60 किमी दूर लोगों के घरों के शीशे टूट गए। कहा जाता है कि उस दौरान हवा में एक आग का गोला उठा हुआ था, जिसकी चौड़ाई करीब 50-100 मीटर थी। जिस इलाके में यह धमाका हुआ वह घनी आबादी वाला इलाका नहीं था, वहां ज्यादातर पेड़ थे।

air_burst_lg_195310_730x419कहा जाता है कि इस विस्फोट की वजह से 8 करोड़ से ज्यादा लोग तबाह हो गए थे। हालांकि, आधिकारिक फाइलों में एक व्यक्ति की मौत का जिक्र है जो विस्फोट से उत्पन्न ऊर्जा के कारण पेड़ से टकरा गया और वहीं फंस गया जिससे उसकी जान चली गई। इस मामले में एक चश्मदीद ने बताया कि जब धमाका हुआ तो आसमान दो हिस्सों में बंट गया और जंगल के ऊपर आसमान का पूरा उत्तरी हिस्सा ऐसा लग रहा था जैसे आग लग गई हो.