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 यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी आसाराम पर 25 अप्रैल को आने वाले फैसले को ध्यान में रखते हुए जोधपुर इलाके में शनिवार से धारा 144 लगा दी गई है. आसाराम के फैसले के दिन बड़ी संख्या में समर्थकों के आने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है. भारी भीड़ के आने की संभावना को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि इस मामले में फैसला जोधपुर केंद्रीय जेल में ही सुनाया जाए. 21 अप्रैल को सुबह 10 बजे से 30 अप्रैल को शाम पांच बजे तक जोधपुर इलाके में 10 दिनों के लिए धारा 144 लागू रहेगी.जोधपुर पुलिस ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपील की थी कि इस मामले में फैसला कोर्ट में ही सुनाया जाए ताकि कानून व्यवस्था को बनाया रखा जा सके. पुलिस की अर्जी को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास व जस्टिस रामचंद्र सिंह झाला की खंडपीठ ने आसाराम को जेल में ही फैसला सुनाने का आदेश दिया था जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली थी. डीसीपी ईस्ट अमनदीप सिंह और डीसीपी वेस्ट समीर कुमार सिंह ने बताया कि फैसले के दिन सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहेंगे. संदिग्धों पर कड़ी नजर रहेगी. अगर कोई आसाराम समर्थक जोधपुर आता है तो पुलिस उससे पूछताछ करेगी. सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी.

जोधपुर की अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अदालत में आसाराम यौन शोषण मामले की बहस पूरी हो चुकी है और सुनवाई कर रही अदालत 25 अप्रैल को फैसला सुनाएगी. सभी संबंधित पक्षो के वकीलों और सरकारी वकीलों को निर्णय सुनाने के दौरान मौजूद रहने की अनुमति प्रदान की गई है. 16 वर्षीय लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में बलात्कार किए जाने का आरोप लगाया था.

इस मामले में आसाराम के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 342, 506 और पॉक्सो की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. इस मामले में आसाराम की जमानत याचिका कई बार खारिज हो चुकी है.

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