इस राज्य में ब्लैक फंगस के 259 मरीज, इलाज के दौरान 21 की मौत

जिन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आती है, उनका ऑपरेशन होता है और जिनकी पॉजिटिव आती है, उनका ऑपरेशन पेंडिंग हो जाता है।

रायपुर॥ छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में ब्लैक फंगस के 259 मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें दुर्ग में सर्वाधिक 67 मरीज सामने आए हैं। राज्य में कोरोना फंगस के अब तक 21 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई है।

Black fungus epidemic

इधर रायपुर में 48, बिलासपुर में 33 , रायगढ़ में 21 , राजनांदगांव में 16 और जांजगीर-चांपा में 14 मरीजों की पुष्टि हुई है। प्रदेश में अभी तक 53 रोगियों के ऑपरेशन हो चुके हैं। रायपुर एम्स में ही ऐसे मरीजों की संख्या 22 है, जिन्हें कोरोना है।

एम्स हर रोज ऐसे मरीजों के कोरोना सैंपल लेता है, जिनकी रिपोर्ट शाम को आती है। जिन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आती है, उनका ऑपरेशन होता है और जिनकी पॉजिटिव आती है, उनका ऑपरेशन पेंडिंग हो जाता है।

हालांकि गंभीर स्थिति में कई मरीजों का पहले भी ऑपरेशन करना पड़ता है। इधर रायपुर के मेकाहारा में ब्लैक फंगस के मरीजों में डायबिटीज की शिकायत है। ऐसे में डॉक्टर डायबिटीज कंट्रोल होने का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस परिवार कल्याण चिकित्सालय बिलासपुर में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ डॉ. बीपी सोनकर की ब्लैक फंगस से दो दिन पहले ही मौत हो गई।

कोरोना आईसीयू डिपार्टमेंट हेड ओ पी सुंदरानी ने बताया कि पोस्ट कोविड में ब्लैक फंगस बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है, इम्यूनिटी का कम होना। मरीज वेंटिलेटर या ऑक्सीजन में लंबे समय तक रहा है, स्टेरॉयड का इस्तेमाल ज्यादा हुआ है तो यह इम्यूनिटी को कम करता है। कोविड ब्लड में शुगर लेवल को बढ़ाता है। स्टेरॉयड देने से और लेवल और बढ़ जाता है।

उन्होंने शुकर लेवल चेक कराते रहने की सलाह दी है।डॉक्टर ओपी सुंदरानी ने बताया कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई ना लें। यदि स्टेरॉयड किसी कारण से लेना पड़ रहा है, तो ध्यान देने की जरूरत है कि जैसे ही डॉक्टर बोले, इसको बंद कर दें। आंख में सूजन है, एक आंख में विजन में प्रॉब्लम हो, चेहरे में दर्द हो या नाक बार-बार बंद हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

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