UP: अफसरों-ठेकेदारों की दुरभि-संधि से 6 करोड़ 40 लाख का घोटाला, खुलासे के बाद बोले नगर आयुक्त…

गाजियाबाद, 03 सितम्बर, यूपीकेएनएन। भाजपा पार्षद दल के नेता राजेंद्र त्यागी ने आज एक ऐसा घोटाला उजागर किया है जिसमें नगर निगम के जल कल विभाग, जल निगम की सीएंडएस के अधिकारियों व ठेकेदार ने आपस में मिलकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के रखरखाव, मरम्मत के नाम पर शासन से आए छह करोड़, 40 लाख रुपये की बंटरबांट कर ली।

nagar nigam gaziyabad

राजेंद्र त्यागी ने गुरुवार को प्रेस काफेंस में आरोप लगाया कि इस मामले में धरातल पर कुछ काम नहीं हुआ बल्कि कागजों में ही काम दिखाकर रुपये हजम कर लिए। राजेंद्र त्यागी ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले की सक्षम अधिकारी से विस्तृत जांचकर जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रेस कांफ्रेंस में राजेंद्र त्यागी ने बताया कि प्रदेश सरकार नदियों के जल को साफ करने के लिए प्रबंध कर रही है। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट ,भूरे लाल कमेटी, एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर गाजियाबाद नगर निगम के जलकल विभाग के डूंडाहेड़ा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के चार रिएक्टरों के पुर्नगठन के नाम पर छह करोड़ 39 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी जिसमें रियेक्टरों की मरम्मत, टेस्टिंग, कमीशनिंग, गैस होल्डर, गैस बर्निंग एवं गैस यूटिलाइजेशन सिस्टम ,सीवेज स्लज सिस्टम व गैस क्न्वेयर सिस्टम को दुरुस्त करने का काम शामिल था। नगर निगम के जलकल विभाग ने यह काम कार्यदायी संस्था जलनिगम की सीएंडएस को दिया था।

उत्तर प्रदेश जल निगम की नलकूप विंग द्वारा 29 सितम्बर 017 जल कल विभाग के महाप्रबंधक को अवगत कराया गया कि यूएसएसबी रियेक्टर और गैस कन्वेयर,फ्लाई,स्क्रबर, सिंस्ट एवं 320 व 63 सेवीए फ्यूल जनरेटर की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है और एसटीपी के गैस सिस्टम का गैस होल्डर डोप पूरा खराब है जिसको नया लगाया जाएगा। इसके चलते गैस सिस्टम कार्य नहीं कर रहा है। जबकि जल निगम द्वारा 27 अगस्त 2014 को महाप्रबंधक जल को अवगत कराया गया कि गैस होल्डर आदि का मरम्मत का कार्य प्रगति पर है।

त्यागी ने कहा कि दोनों पत्राें का अवलोकन करने पर पूरा मामला समझ में आ जा ता है। उन्होंने तत्कालीन नगर आयुक्त सीपी सिंह ने इसकी जांच कराई थी और पूरा मामला उजागर हो गया था लेकिन उनके तबादले के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। त्यागी ने बताया कि इस मामले की खास बात यह है कि इन वर्षाे के दौरान एसटीपी से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता में सुधार होने के बजाय और खराबी आ गई। इस मामले में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में अभी नहीं आया है। वह मामले को देंखेंगे ।

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