
Russia Ukraine War: अमेरिका ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया, जिसमें रूस को यूक्रेन से बाहर निकलने और उसके आक्रमण की निन्दा की गई थी। ये एक ऐतिहासिक क्षण था जब अमेरिका ने रूस के समर्थन में वोट किया। भारत ने इस मतदान में हिस्सा ना लेना ही उचित समझा। जैसी ही ट्रंप के देश ने यूक्रेन के खिलाफ वोट दिया, ये देखर हर कोई हैरान रह गया।
हाल ही में पारित इस प्रस्ताव का मकसद यूक्रेन में रूस के आक्रमण की कड़ी निंदा करना और कब्जे वाले क्षेत्रों का पुनर्प्राप्ति का आह्वान करना था। इस प्रस्ताव को 93 मतों से मंजूरी मिली, जबकि 18 देशों ने इसका विरोध किया और 65 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
इन देशों ने वोट देने से किया परहेज
भारत, अर्जेंटीना, संयुक्त अरब अमीरात, चीन और ईरान जैसे देशों ने मतदान से खुद को अलग रखा, जो इस बात का संकेत है कि वैश्विक राजनैतिक समीकरण कितने उलझे हैं। भारत की ये चुप्पी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वह एक ऐसा देश है जो दोनों पक्षों के साथ बैलेंस स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच तीन सालों से जारी युद्ध ने ग्लोबल पॉलिटिक्स को एक नई दिशा में मोड़ दिया है।
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