img

Up kiran,Digital Desk : बाबा केदारनाथ के धाम में आज भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच, 'बम-बम भोले' के जयकारों के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीर्थयात्रियों को शुभकामना संदेश भेजा और देवभूमि आने वाले श्रद्धालुओं से 'पांच संकल्पों' का आग्रह किया। कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण पर मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।

बाबा के द्वार पर पीएम मोदी के नाम पहली पूजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर इस सीजन की पहली पूजा संपन्न की। मुख्य पुजारी ने बताया कि यह विशेष पूजा विश्व कल्याण, समृद्धि और शांति की कामना के लिए की गई थी।

PM मोदी के वे 5 संकल्प, जो बनाएंगे यात्रा को 'दिव्य'

प्रधानमंत्री ने चारधाम यात्रा को भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव बताते हुए तीर्थयात्रियों से इन पांच सूत्रों के पालन का आह्वान किया:

1. स्वच्छता को बनाएं अपना संस्कार

पीएम ने आग्रह किया कि केदारपुरी और आसपास के इलाकों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। नदियों को प्रदूषित न करें और इस पवित्र यात्रा को पूरी तरह 'सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त' बनाने का संकल्प लें।

2. प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता

हिमालय की गोद में बसे इन धामों के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बचाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। पीएम ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने का संदेश दिया।

3. सेवा, सहयोग और राष्ट्रीय एकता

'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को प्रबल करने के लिए पीएम ने कहा कि यात्री हर दिन कम से कम एक सेवा का कार्य जरूर करें। देश के विभिन्न कोनों से आए लोगों की परंपराओं का सम्मान करें और एक-दूसरे का सहयोग करें।

4. 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र (5% खर्च स्थानीय उत्पादों पर)

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की ब्रांडिंग करते हुए एक बार फिर आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने अपील की कि यात्री अपनी यात्रा के कुल बजट का कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों को खरीदने पर खर्च करें, ताकि पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

5. अनुशासन और मर्यादा का पालन

यात्रा के दौरान यातायात नियमों और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। पीएम ने एक जिम्मेदार नागरिक बनने का आग्रह किया ताकि प्रबंधन में लगे लोगों को असुविधा न हो।

'डिजिटल उपवास' करें और प्रकृति को जिएं

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक बेहद अनूठी और आधुनिक बात कही। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए 'डिजिटल उपवास' (Digital Fasting) रखें। यानी गैजेट्स और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति को महसूस करें।

क्रिएटर्स और इंफ्लूएंसर्स से खास अपील

पीएम मोदी ने कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स से भी आग्रह किया कि वे केदारनाथ की केवल तस्वीरों तक सीमित न रहें, बल्कि यहां की स्थानीय लोककथाओं, परंपराओं और छोटी-छोटी कहानियों को पूरी दुनिया तक पहुंचाएं।