Up Kiran, Digital Desk: भारत के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और जापान के भूमि, अवसंरचना, परिवहन और पर्यटन मंत्री हिरोमासा नाकानो ने शुक्रवार को सूरत में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण स्थल का दौरा किया.यह दौरा भारत और जापान के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर गहरे सहयोग को दिखाता है.
दौरे की मुख्य बातें: दोनों मंत्रियों ने प्रोजेक्ट के काम की प्रगति का जायज़ा लिया और ट्रैक बिछाने वाली मशीन (track slab laying car) जैसी महत्वपूर्ण तकनीक का निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण की तेज़ रफ़्तार और क्वालिटी के ऊंचे मानकों पर संतोष जताया. सूरत हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा है, जिसका लक्ष्य इन दो बड़े शहरों को 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली ट्रेन से जोड़ना है.
प्रोजेक्ट की ताज़ा स्थितिकुल लंबाई: मुंबई से अहमदाबाद तक कुल 508 किलोमीटर.
काम पूरा: 323 किलोमीटर तक वायाडक्ट (पुल) और 399 किलोमीटर तक पियर (खंभे) का काम पूरा हो चुका है.
नदी पुल: 17 नदी पुलों का निर्माण भी पूरा हो गया है.
गुजरात सेक्शन: गुजरात में इस कॉरिडोर का काम अगले साल 26 अगस्त तक पूरा होने की संभावना है.
स्टेशन: गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपरस्ट्रक्चर का काम एडवांस स्टेज में है, जबकि महाराष्ट्र के स्टेशनों पर भी काम शुरू हो गया है.
जापान की सबसे आधुनिक ट्रेन आएगी भारत
एक और रोमांचक ख़बर यह है कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन जापान की सबसे नई E10 शिंकानसेन ट्रेन होगी. यह ट्रेन जापान और भारत में लगभग एक साथ ही शुरू की जाएगी. यह नेक्स्ट-जेनरेशन ट्रेन पहले से ज़्यादा शांत, आरामदायक और अधिक क्षमता वाली होगी.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मुंबई, ठाणे, वापी, सूरत, वडोदरा, आनंद और अहमदाबाद जैसे शहरों की अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ देगा, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़ा विकास होगा. उम्मीद है कि बुलेट ट्रेन का प्रोटोटाइप 2026 तक और कमर्शियल सेवा 2027 तक शुरू हो सकती है.
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