Up Kiran, Digital Desk: अंकिता भंडारी हत्या मामले में एसआईटी द्वारा किए गए ताजे खुलासे ने मामले को एक नया मोड़ दिया है। एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी वीआईपी का नाम इस मामले में सामने नहीं आया है, और जांच में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। एसपी देहात हरिद्वार, शेखर सुयाल ने इस मुद्दे पर मीडिया से संवाद करते हुए, मामले की गहराई से जांच के परिणाम साझा किए।
जांच की शुरुआत और आरोपों का खंडन
मामले की शुरुआत एक गुमशुदगी से हुई थी, लेकिन हत्या के बाद यह बात उठी कि रिजॉर्ट में किसी वीआईपी का आना था, और उस पर अंकिता से विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया जा रहा था। कई चर्चाएं थीं कि अंकिता ने जब इस दबाव को नकारा किया, तो उसे हत्या का शिकार बनाया गया। हालांकि, एसआईटी ने यह स्पष्ट किया कि इस आरोप को गंभीरता से लिया गया था, लेकिन इसके समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं मिले।
वीआईपी का संदिग्ध चेहरा
चर्चा में आए एक कथित वीआईपी का नाम मीडिया में कई बार आया था, लेकिन एसआईटी के अनुसार, उसके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल पाए। इस कथित वीआईपी की पहचान पहले हुई थी, लेकिन बाद में उसे मामले से बाहर कर दिया गया। एसआईटी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान अंकिता और उसके दोस्त के चैट में वीआईपी के संदर्भ का जिक्र था, जिसे गंभीरता से लिया गया। इसके बाद, रिजॉर्ट के कर्मचारियों और अंकिता के दोस्तों से पूछताछ की गई।
धर्मेंद्र उर्फ प्रधान की जांच
इस मामले में एक व्यक्ति, धर्मेंद्र उर्फ प्रधान का नाम भी सामने आया, जिसे नोएडा का निवासी बताया गया है। अंकिता के दोस्त ने उसे पहचाना था, और उसके आधार पर एसआईटी ने उसकी गतिविधियों की भी जांच की। हालांकि, जांच में यह बात सामने आई कि वह व्यक्ति रिजॉर्ट में किसी वीआईपी के साथ नहीं था, बल्कि जमीन खरीदने के सिलसिले में वहां आया था। इसके अलावा, यह भी सामने आया कि धर्मेंद्र को रिजॉर्ट में सिर्फ खाने के लिए लाया गया था। इस संदर्भ में भी कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं, जिससे वीआईपी के आने की चर्चा को बल मिल सके।
दोषियों के स्वीकारोक्ति और उर्मिला सनावर का मामला
एसआईटी ने यह भी बताया कि तीनों आरोपी, जो वर्तमान में सजा भुगत रहे हैं, ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अंकिता पर अतिरिक्त सेवाएं देने का दबाव बनाया था। इसके अलावा, अंकिता हत्या मामले में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर द्वारा उठाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। उर्मिला ने पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी अलग से एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। उर्मिला को नोटिस भेजा गया है ताकि वह अपना बयान दर्ज करा सकें, लेकिन उनकी स्थिति को लेकर भी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।


_1408935244_100x75.png)
_1496622266_100x75.png)
