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Up Kiran, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीति में हलचल मचा दी है। गुरुवार को गिरिराज सिंह ने फ़र्ज़ी मतदान को रोकने के लिए बुर्का पहने हुए मतदाताओं पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही। उनका यह बयान तब और ज्यादा विवादास्पद हो गया जब उन्होंने यह जोड़ा कि राज्य में शरिया कानून लागू नहीं होगा और ज़ोर देकर कहा, "यह भारत है, पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं।"

गिरिराज सिंह ने चुनाव आयोग के नियमों की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश धर्मनिरपेक्ष है, और चुनाव प्रक्रिया में सभी को अपनी पहचान सत्यापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब कोई बुर्का पहनी महिला आधार कार्ड बनवाने जाती है या एयरपोर्ट पर चेकिंग होती है, तो उसे अपना चेहरा दिखाना ही पड़ता है। इस प्रकार, चुनावी प्रक्रिया में भी यही नियम लागू होना चाहिए।

'यह भारत है, पाकिस्तान नहीं': गिरिराज सिंह का बयान

गिरिराज सिंह ने अपने बयान में कहा, "यह हिंदुस्तान है, यहां चुनाव आयोग के नियम लागू होते हैं। जब कोई बुर्का पहने महिला आधार कार्ड बनवाने जाती है, तो उसे चेहरा दिखाना पड़ता है, जब वह एयरपोर्ट जाती है, तो उसे भी चेहरा दिखाना होता है। क्या यह पाकिस्तान या बांग्लादेश है?" उनका यह बयान तब और ज्यादा विवादास्पद हो गया जब उन्होंने इसे धार्मिक संदर्भ में जोड़ते हुए कहा कि यह एक धर्मनिरपेक्ष देश है और किसी को भी शक होने पर उनका चेहरा दिखाया जा सकता है।

चिराग पासवान का तीखा प्रतिक्रिया

गिरिराज सिंह के इस बयान पर विपक्षी दलों ने भी तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने इसे अनावश्यक रूप से हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाने की कोशिश बताया। पासवान ने मीडिया से कहा, "यह बयान बिहार के चुनावी माहौल को बिगाड़ने के लिए दिया गया है। लोग चुनाव में अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र हैं और हमें इसे लोकतंत्र का उत्सव समझना चाहिए।"

उन्होंने बिहारवासियों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करें और पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान की दिशा में बढ़ें। पासवान ने कहा, "जो भी आरोप कांग्रेस लगा रही है, अगर उसमें सच्चाई है तो चुनाव आयोग को चुनौती देने की बजाय उन्हें अदालत का रास्ता अपनाना चाहिए।"