Up Kiran,Digital Desk: अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर उत्तराखंड में गुस्से और संघर्ष का माहौल बढ़ता जा रहा है। आठ फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली महापंचायत की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इस आंदोलन में अब तक 40 से अधिक सामाजिक और राजनीतिक संगठन शामिल हो चुके हैं और महापंचायत के आयोजन को लेकर एकता और संघर्ष की भावना और मजबूत हो गई है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन
संयुक्त संघर्ष मंच की शनिवार को हुई बैठक में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में इस महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया। विपक्षी दलों ने इस आंदोलन के प्रति अपनी पूरी निष्ठा जताते हुए महापंचायत में भाग लेने की पुष्टि की। वहीं, उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने भी इस आंदोलन के समर्थन में एक अपील जारी की, जिससे उनकी आवाज़ आंदोलन को एक नया रंग दे रही है।
महापंचायत के आयोजन की सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। संगठन के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रत्येक उत्तराखंडी परिवार से कम से कम एक या दो सदस्य जरूर हिस्सा लेंगे। इस पहल से आयोजन में जनसहभागिता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीबीआई जांच पर सरकार से सवाल
वक्ताओं ने इस दौरान उत्तराखंड सरकार की सीबीआई जांच के प्रति नकारात्मक रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनता केवल एक सामान्य जांच नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। यह आंदोलन अब केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता की आवाज बन चुका है।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
_1032619275_100x75.png)
_1383450474_100x75.png)
_1683837406_100x75.png)
_1978792807_100x75.png)
_647900671_100x75.png)