img

Up Kiran, Digital Desk: लोहड़ी, उत्तर भारत में खासतौर पर मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले, यानी 13 जनवरी को मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से नई फसल, ऋतु परिवर्तन और सूर्य देव की उपासना से जुड़ा हुआ है। साथ ही, लोहड़ी का दिन घरों में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए भी जाना जाता है।

लोहड़ी पर घर में सकारात्मकता का प्रवाह

लोहड़ी का पर्व न केवल आनंद और उल्लास का अवसर है, बल्कि यह घरों में नई शुरुआत और शांति लाने का भी एक अवसर है। खासकर इस दिन किए जाने वाले कुछ खास वास्तु उपाय घरों में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का संचार करते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन घर की सफाई करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। स्वच्छ और व्यवस्थित घर में ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है और वातावरण में शुद्धता बनी रहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिन गंगाजल और गुलाब जल का छिड़काव करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता का माहौल बनता है। खासतौर पर घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल और उत्तर-पूर्व दिशा पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

मुख्य द्वार पर वास्तु उपाय: सौभाग्य का द्वार खोलें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। लोहड़ी के दिन मुख्य दरवाजे पर सात गुलाब की अगरबत्तियां जलाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही, दरवाजे के ऊपर स्वास्तिक का चिन्ह भी लगाना घर में सौभाग्य और समृद्धि को आकर्षित करने में मदद करता है।

यदि स्वास्तिक तांबे या पीतल से बना हो तो यह और भी अधिक शुभ फल देता है। इसे नागकेसर, शहद और रोली के मिश्रण से भी बनाया जा सकता है। यह उपाय न केवल सौभाग्य लाता है, बल्कि घर में शांति और आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करता है।

उत्तर-पूर्व दिशा: समृद्धि की दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा को धन, ज्ञान और सकारात्मकता की दिशा माना जाता है। इस दिशा में फव्वारा, एक्वेरियम या पानी से भरा हुआ कलश रखना बहुत लाभकारी होता है। साथ ही, चांदी के कलश में चावल भरकर रखना भी धन में वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

मानसिक शांति और ऊर्जा का बढ़ाना

लोहड़ी के दिन घर में मिश्री वाला धागा या थोड़ी मात्रा में मिश्री रखना शुभ फल देता है। यह घर में खुशहाली और मानसिक शांति लाता है। इसके अलावा, फूलों वाले पौधे लगाने से न केवल घर की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। खासतौर पर उत्तर या पूर्व दिशा में पौधे लगाना फायदेमंद माना जाता है।

पश्चिम दिशा और पारिवारिक संतुलन

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पश्चिम दिशा का संबंध पारिवारिक स्थिरता और बच्चों की शिक्षा से है। इस दिशा में परिवार की कोई फोटो या सुंदर प्राकृतिक दृश्य की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है। बच्चों के अध्ययन क्षेत्र को साफ और व्यवस्थित रखना उनकी एकाग्रता को बढ़ाता है और उनकी पढ़ाई में मदद करता है।

पूजा स्थल और मंदिर की सफाई

लोहड़ी के दिन घर के मंदिर और पूजा स्थल की सफाई करना विशेष रूप से महत्व रखता है। यदि संभव हो तो दक्षिण दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें, ताकि नकारात्मक ऊर्जा से बचाव हो सके। साथ ही, इस दिशा में लाल रंग की लाइट या लाल पर्दे लगाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।

अन्य प्रभावी वास्तु उपाय

उत्तर दिशा में स्थित पानी के स्रोत को साफ करें और वहां तुलसी या बैंबू का पौधा लगाएं।

घर में टूटी-फूटी वस्तुएं न रखें, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकती हैं।