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Up Kiran, Digital Desk: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा पूरे गाजा पट्टी पर कब्ज़े के आदेश के बाद इजराइली सेना ने हमलों की रफ़्तार और तेज़ कर दी है। अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, नवीनतम हमलों में कम से कम 63 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हुई है। सेना का मकसद गाजा सिटी पर अधिकार जमाने और लगभग दस लाख लोगों को जबरन विस्थापित करने का बताया जा रहा है।
सबरा इलाका बना जमीनी हमले की तैयारी का इशारा
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि इजराइली टैंक गाजा शहर के सबरा इलाके में दाखिल हो चुके हैं। अब तक यहां केवल हवाई हमले होते रहे थे, लेकिन टैंकों की तैनाती ने संकेत दिया है कि जल्द ही बड़ा जमीनी ऑपरेशन शुरू हो सकता है। गाजा के अल-अहली अस्पताल के सूत्र के मुताबिक, हालिया बमबारी में सबरा के एक बच्चे की मौत हुई है। यह इलाका पिछले कई हफ़्तों से लगातार बमबारी का प्रमुख निशाना रहा है।
खान यूनिस में विस्थापितों पर हमला
शनिवार को दक्षिणी गाजा के खान यूनिस के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र असदा में इजराइली गोलाबारी से विस्थापित परिवारों के शरण स्थल को नुकसान पहुंचा। इस हमले में 16 लोग, जिनमें छह बच्चे शामिल थे, मारे गए।
इसी दिन मानवीय सहायता की तलाश में निकले कम से कम 22 नागरिकों की भी जान गई। इसके अलावा, नेत्ज़ारिम कॉरिडोर के पास सहायता मांग रहे एक अन्य व्यक्ति को गोली मारकर हत्या करने की भी जानकारी मिली है।
मानवीय संकट गहराया, भूख से लगातार मौतें
गाजा में संघर्ष और नाकेबंदी के चलते हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कुपोषण और भूख के कारण दो बच्चों समेत आठ और लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख मुनीर अल-बुर्श ने जानकारी दी कि अब तक खाद्य संकट से मरने वालों की संख्या बढ़कर 281 हो गई है, जिनमें 114 बच्चे भी शामिल हैं।
लगातार बिगड़ रही स्थिति
लगभग दो साल पहले शुरू हुए इस युद्ध ने गाजा को तबाही और भूखमरी के मुहाने पर ला खड़ा किया है। स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप पड़ चुकी हैं और भोजन की आपूर्ति रुकने से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने लगातार चेतावनी दी है कि यदि तत्काल युद्धविराम और राहत नहीं मिली, तो मानवीय त्रासदी और भयावह रूप ले सकती है।
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