Up Kiran, Digital Desk: ईरान में जारी अशांति और प्रदर्शन के बीच चीन ने तेहरान सरकार का स्पष्ट समर्थन किया है। बीजिंग ने कहा है कि वह ईरान की आंतरिक स्थिति के साथ खड़ा है और उम्मीद करता है कि देश अपनी कठिनाइयों से उबर कर स्थिरता हासिल करेगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता है।
चीन का यह बयान उस समय आया है जब पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका और यूरोपीय यूनियन, ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर बर्बर दमन और मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर चिंता जता रहे हैं। इस स्थिति में चीन ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि वह किसी भी प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय आलोचना को खारिज करता है और यह घटनाएं ईरान का आंतरिक मामला हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह रुख सिर्फ ईरान के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक संदेश है। चीन यह जाहिर करना चाहता है कि सत्तावादी सरकारों द्वारा किए जा रहे कड़े फैसले 'घरेलू मामलों' के तहत आते हैं, जिनमें बाहरी देशों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। यह बयान अमेरिका और यूरोपीय देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों पर आधारित दृष्टिकोण से टकराता हुआ दिखाई देता है।
ईरान में जारी संकट अब एक ऐसे मोर्चे के रूप में उभर कर सामने आ रहा है, जहां विचारधाराओं और वैश्विक शक्ति संतुलन का संघर्ष देखा जा सकता है। चीन का यह स्पष्ट बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि पश्चिमी देशों की आलोचना के बावजूद, वह ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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