img

ज्यादातर परिवारों के खाने में लहसुन, प्याज, धनिया हमेशा होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए तीनों खाद्य पदार्थों के बहुत लाभ हैं। मगर, इसका ज्यादा सेवन या बिना डॉक्टरी सलाह के कुछ भी करने से इसके नुकसान भी हो सकते हैं। तीनों ही पदार्थ हृदय रोग, निमोनिया, किडनी रोग, रक्ताल्पता, उच्च रक्तचाप, श्वास विकार, मधुमेह, क्षय रोग आदि अलग अलग बीमारियों में निश्चित रूप से लाभदायक है।

धनिया पेट की समस्याओं को दूर कर पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। ताजे धनिये के पत्तों को छाछ के साथ पीने से अपच और जी मिचलाने की समस्या से राहत मिलती है। धनिया, हरी मिर्च, नारियल और अदरक की चटनी बनाकर खाने से अपच के कारण होने वाले पेट दर्द में आराम मिलता है। साथ ही आधा गिलास पानी में दो चम्मच धनिया मिलाकर पीने से भी पेट दर्द में राहत मिलती है।

यदि आप बहुत थका हुआ, कमजोर या चक्कर महसूस करते हैं। 10 ग्राम मिश्री और आधा कप पानी में दो चम्मच धनिया का रस मिलाकर सुबह-शाम पीने से थकान और कमजोरी दूर होती है।

सांस की बीमारियों को दूर करने में धनिया बहुत लाभदायक होता है। खांसी, दमा या सांस लेने में तकलीफ हो तो धनिया और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इस मिश्रण का एक चम्मच चावल के पानी में मिलाकर रोगी को दें। ऐसा कुछ दिनों तक नियमित रूप से करने से आराम मिलेगा।

धनिया खून में इंसुलिन की मात्रा को कंट्रोल करता है। धनिया का सेवन किडनी के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों को धनिया को पानी में उबालकर सुबह खाली पेट पीना चाहिए। गुर्दे की पथरी धीरे-धीरे मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है। हरा धनिया शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। धनिया का सेवन दृष्टिबाधित लोगों को जरूर करना चाहिए। हरा धनिया विटामिन ए से भरपूर होने के कारण आंखों के लिए बहुत लाभदायक होता है।