Up kiran,Digital Desk : राजधानी दिल्ली में रविवार को एक बार फिर कोहरे की वापसी के संकेत हैं। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छा सकता है, जबकि कुछ जगहों पर घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ रहने की संभावना जताई गई है।
शनिवार को राजधानी में कोहरे और धुंध की वजह से दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। पूरे दिन धूप नहीं निकल सकी और पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं ने लोगों को परेशान किया। इस दौरान अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, 5 जनवरी को दोपहर के समय दिल्ली में 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। सुबह के वक्त कोहरा रहने की संभावना है, लेकिन दिन में आसमान साफ रहेगा।
वहीं, 5 से 8 जनवरी के बीच दिन के समय धूप खिलने और मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान है।
कोहरे का असर: रेल यातायात हुआ प्रभावित
उत्तर भारत में नए साल के साथ ही घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में कम दृश्यता के कारण रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। दिल्ली से जुड़ी 30 से ज्यादा ट्रेनें अपने तय समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कोहरे के कारण लोको पायलटों को सिग्नल देखने में दिक्कत हो रही है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनों की रफ्तार कम रखी जा रही है।
दिल्ली, आनंद विहार, हजरत निजामुद्दीन और पुरानी दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-पटना और दिल्ली-प्रयागराज जैसे व्यस्त रूट्स पर सबसे ज्यादा असर देखा गया है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन जाने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
हवा बदली, लेकिन प्रदूषण से राहत नहीं
हवा की दिशा और गति में बदलाव के बावजूद राजधानी की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है। शनिवार को दिल्ली का एक्यूआई 267 दर्ज किया गया, जो शुक्रवार की तुलना में अधिक है।
एनसीआर में दिल्ली के बाद गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही, जहां एक्यूआई 262 दर्ज किया गया।
नोएडा में 242, गुरुग्राम में 244, ग्रेटर नोएडा में 239 और फरीदाबाद में 222 एक्यूआई रिकॉर्ड हुआ।
प्रदूषण के प्रमुख कारण
वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, दिल्ली में प्रदूषण में
वाहनों की हिस्सेदारी: 12.78%
पेरिफेरल उद्योग: 10.54%
आवासीय इलाके: 3.13%
निर्माण गतिविधियां: 1.65%
सड़क की धूल: 0.86% रही।
सीपीसीबी के मुताबिक, शनिवार को हवा पश्चिम दिशा से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली। दोपहर तीन बजे पीएम10 का स्तर 177.2 और पीएम2.5 का स्तर 107.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनुमान है कि मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है, जिससे सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक परेशानी हो सकती है। आंखों में जलन, खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
_1939542140_100x75.png)
_13833055_100x75.png)
_879026141_100x75.png)
_679944180_100x75.png)
_24585150_100x75.png)