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Up kiran,Digital Desk :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश सरकार ने 24,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से न केवल यूपी की अर्थव्यवस्था को नई रफ़्तार मिलेगी, बल्कि शाहजहांपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और मुरादाबाद जैसे जिलों में बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के द्वार खुलेंगे। सरकार जल्द ही इन कंपनियों को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' जारी कर जमीन पर काम शुरू करने का निर्देश देगी।

इन जिलों में लगेंगी बड़ी यूनिट्स: जानें कहां क्या बनेगा

योगी सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संतुलित औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रमुख परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:

शाहजहांपुर: ओएफबी टैंक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 589.98 करोड़ की लागत से एग्रो केमिकल्स प्लांट।

गोरखपुर: इंडिया ग्लाइकौल्स लिमिटेड द्वारा 669.93 करोड़ की लागत से एथेनॉल संयंत्र।

प्रयागराज (सरस्वती हाइटेक सिटी): बिसलेरी इंटरनेशनल द्वारा 269.31 करोड़ से सॉफ्टड्रिंक और सोडा प्लांट।

हाथरस (सलेमपुर): एजीआई ग्रीन पैक लिमिटेड द्वारा 1128.72 करोड़ की लागत से एल्युमिनियम कैन विनिर्माण इकाई।

मुरादाबाद: त्रिवेणी इंजीनियरिंग द्वारा 237 करोड़ की लागत से एथेनॉल यूनिट।

यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA): सोलर सेल निर्माण के लिए इंटीग्रेटेड बेटरीज इंडिया (1146 करोड़) और सीईएसी ग्रीन पॉवर (3805 करोड़) के प्लांट।

अवाडा इलेक्ट्रो का मेगा प्रोजेक्ट: निवेश में भारी बढ़ोतरी

कैबिनेट ने अवाडा इलेक्ट्रो लिमिटेड के निवेश प्रस्ताव में बड़े संशोधन को भी मंजूरी दी है। सितंबर 2025 में इस परियोजना के लिए 11,399 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 13,640.79 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह उत्तर प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक है, जो बुंदेलखंड और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा।

"निवेश का ग्लोबल डेस्टिनेशन बना यूपी": मंत्री नन्दी

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब देश का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है। उन्होंने कहा, "आज उत्तर प्रदेश निवेश का प्रमुख गंतव्य बनकर उभरा है। हमारा लक्ष्य हर एमओयू को धरातल पर उतारना है। प्रदेश का हर कोना अब औद्योगिक विकास की रोशनी से जगमगाएगा और हर उद्यमी हमारा सहयोगी है।"

युवाओं के लिए रोजगार का महाकुंभ

इन इकाइयों के स्थापित होने से न केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय व्यापार में भी तेजी आएगी। सरकार का अनुमान है कि इन सात-आठ बड़ी परियोजनाओं से प्रदेश के हजारों कुशल और अकुशल श्रमिकों को उनके घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा, मृतक आश्रितों की नौकरी के लिए अब मानव संपदा पोर्टल पर आवेदन की नई व्यवस्था भी लागू कर दी गई है।