Up Kiran, Digital Desk: बिहार के लोगों के लिए बड़ी राहत वाली खबर आ गई है भाई! अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाते-लगाते सालों निकल जाते थे, वो दिन जल्दी खत्म होने वाले हैं। रविवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने धमाकेदार ऐलान किया कि राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। मतलब अब रेप, हत्या, लूट जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों में फटाफट फैसला होगा।
सम्राट चौधरी ने बताया कि अभी बिहार के कोर्ट में 18 लाख से ज्यादा केस धूल फांक रहे हैं। इनको जल्दी निपटाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए ये नई अदालतें खास तौर पर लंबित मामलों को कम करने और आम आदमी को जल्दी न्याय दिलाने के लिए बन रही हैं।
कहां-कहां बनेंगी ये कोर्ट?
पटना को सबसे ज्यादा 8 कोर्ट मिलेंगे। गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में 4-4 कोर्ट खुलेंगे। नालंदा, रोहतास, सारण, बेगूसराय, वैशाली, मोतिहारी, समस्तीपुर और मधुबनी में 3-3 कोर्ट। बाकी बचे ज्यादातर जिलों में 2-2 कोर्ट और नवगछिया-बगहा में 1-1 कोर्ट लगेगा। यानी पूरे 38 जिलों में न्याय की नई रफ्तार दौड़ेगी।
इतना ही नहीं, इन कोर्ट को चलाने के लिए करीब 900 नई नौकरियां भी आएंगी। हर कोर्ट में बेंच क्लर्क, स्टेनो, ड्राइवर, चपरासी से लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर तक 8 तरह के स्टाफ रखे जाएंगे। डीएम और एसएसपी मिलकर तय करेंगे कि कौन से केस सबसे पहले निपटाने हैं।
एक और झटका देने वाली बात – शस्त्र अधिनियम के पुराने केसों को जल्दी खत्म करने के लिए 79 कोर्ट को खास "एक्ट कोर्ट" बनाया जाएगा। सम्राट चौधरी का कहना है कि अवैध हथियारों के मामले जल्दी सुलझेंगे तो अपराध पर लगाम अपने आप लगेगी।
उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि हमारी सरकार न्याय देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। बिहार में कानून का राज कायम करना हमारी प्राथमिकता है।




