Up Kiran, Digital Desk: वास्तु शास्त्र में रंगों का चयन सिर्फ घर को खूबसूरत बनाने के लिए नहीं किया जाता, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। खासकर नीले और काले रंग के बारे में अक्सर भ्रम की स्थिति रहती है। कुछ लोग इन्हें अशुभ मानते हैं, जबकि वास्तु शास्त्र इन्हें अवसरों और संतुलन का प्रतीक मानता है। तो आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के हिसाब से इन रंगों का सही उपयोग कैसे किया जा सकता है।
नीला रंग: सफलता और करियर का प्रतीक
वास्तु शास्त्र के अनुसार, नीला रंग मुख्य रूप से जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जो उत्तर दिशा का प्रतीक है। उत्तर दिशा को अवसरों और समृद्धि की दिशा माना जाता है। अगर किसी के जीवन में करियर के लिहाज से वृद्धि नहीं हो रही है या नए अवसर नजर नहीं आ रहे हैं, तो उत्तर दिशा में हल्के नीले रंग का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। यह रंग मानसिक शांति और एकाग्रता में भी सुधार करता है। हालांकि, नीले रंग का अत्यधिक प्रयोग मानसिक अवसाद और उदासी भी उत्पन्न कर सकता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए।
काला रंग: नकारात्मकता या संतुलन?
काले रंग को आमतौर पर नकारात्मकता से जोड़ा जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका महत्व गहरा और स्थिर होता है। यह रंग घर में ठहराव और संतुलन लाने में सहायक माना जाता है। कई बार घर के मुख्य द्वार के पास काले रंग का हल्का इस्तेमाल बुरी नजर और बाहरी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए किया जाता है। यदि आपके जीवन में मानसिक अस्थिरता या तनाव अधिक है, तो काले रंग का सीमित उपयोग, खासकर उत्तर या पश्चिम दिशा में, आपको मानसिक मजबूती और संतुलन प्रदान कर सकता है।
रंगों के गलत दिशा में प्रभाव
वास्तु शास्त्र में रंगों का गलत दिशा में प्रयोग अशुभ माना जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप काले या नीले रंग का इस्तेमाल रसोई या दक्षिण-पूर्व दिशा में करते हैं, तो यह अग्नि और जल तत्वों के बीच टकराव पैदा कर सकता है। ऐसे में धन की हानि, दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, इन रंगों का प्रयोग सही दिशा में करना बेहद जरूरी है। वहीं, बेडरूम में गहरे काले रंग का इस्तेमाल रिश्तों में तनाव और दूरी का कारण बन सकता है, जो पति-पत्नी के बीच सामंजस्य को प्रभावित कर सकता है।
सही दिशा में रंगों का उपयोग
रंगों का वास्तु के अनुसार सही दिशा में इस्तेमाल करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। जैसे कि नीला रंग उत्तर दिशा में सफलता और अवसरों को बढ़ावा देता है, वहीं काले रंग का उपयोग उत्तर या पश्चिम दिशा में मानसिक शांति और स्थिरता के लिए लाभकारी हो सकता है। अगर इन रंगों का प्रयोग सही तरीके से किया जाए तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं और जीवन को संतुलित बना सकते हैं।




