Up kiran,Digital Desk : अक्षय तृतीया के शुभ अवसर के बीच मोदी सरकार ने देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी खुशखबरी दी है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत के इजाफे पर मुहर लगा दी गई है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों का कुल डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है।
अमित शाह ने बताया कर्मचारियों के प्रति सरकार का संकल्प
कैबिनेट के इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर खुशी जाहिर करते हुए इसे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया। उन्होंने लिखा, "यह निर्णय कर्मचारियों और उनके परिजनों की वित्तीय सुरक्षा के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" शाह ने स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिसका अर्थ है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर (बकाया) भी दिया जाएगा।
खजाने पर पड़ेगा 6,700 करोड़ से ज्यादा का बोझ
कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों के आधार पर लिए गए इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। सरकार के इस कदम का सीधा लाभ देश के 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा।
देरी से मिला तोहफा, पर चेहरे पर लौटी मुस्कान
आमतौर पर सरकार साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) डीए में संशोधन करती है। इस बार डीए की घोषणा में हुई देरी के कारण कर्मचारियों के बीच थोड़ा असंतोष देखा जा रहा था। पिछले वर्ष 2025 में इसकी घोषणा 28 मार्च को ही कर दी गई थी, जबकि इस साल इसके लिए अप्रैल के मध्य तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, अब आधिकारिक मुहर लगने के बाद कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की आय में सम्मानजनक बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है।
महंगाई से लड़ने में मिलेगी बड़ी मदद
पेंशनभोगियों को मिलने वाली महंगाई राहत (DR) में भी 2% की समान वृद्धि की गई है, जिससे अब उन्हें भी 60% की दर से भुगतान किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच डिस्पोजेबल इनकम में इस बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग को काफी राहत मिलेगी। होली के बाद और अक्षय तृतीया के मौके पर आए इस फैसले ने सरकारी महकमों में उत्सव जैसा माहौल बना दिया है।




