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Up Kiran, Digital Desk: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मॉनसून की लगातार जारी बारिश (monsoon rains) कहर बरपा रही है, जिससे बाढ़ (floods), जलभराव (waterlogging) और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. जहाँ कुछ इलाके भारी जलमग्नता (heavy inundation) से जूझ रहे हैं, वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश (lighter rain) और बादलों वाली स्थिति बनी हुई है. इस बदलते मौसम (changing weather) के कारण देश भर में अलर्ट जारी किया गया है और कई शहरों में लोग दिक्कतों का सामना कर रहे हैं. मानसून का यह अप्रत्याशित व्यवहार देश की कृषि और अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल रहा है. [पवन मॉनसून] [Monsoon Updates]

राजस्थान में भारी बाढ़ से जूझ रहे हैं जिले! क्या है हालात?

राजस्थान (Rajasthan) अभी भी सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों में से एक है, जहाँ बारां (Baran), सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) और बूंदी (Bundi) जैसे जिले भारी बाढ़ (massive flooding) से जूझ रहे हैं. बारां में सिंध (Sindh) और पार्वती (Parvati) नदियाँ, और सवाई माधोपुर में बनास (Banas), चंबल (Chambal), गलवा (Galwa), मोरेल (Moral), गंभीर (Gambhir) और निगोह (Nigoh) जैसी नदियाँ खतरे के निशान (danger marks) से ऊपर बह रही हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही (large-scale destruction) हो रही है. शहरी इलाकों में भी चौंकाने वाली मात्रा में बारिश का पानी (rainwater buildup) जमा हो गया है, जिससे यातायात और दैनिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ रहा है. इस बाढ़ ने किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे उनकी चिंताएँ बढ़ गई हैं. [राजस्थान बाढ़] [Rajasthan Floods News]

हरियाणा के टेक हब भी पानी में डूबे! साइबर सिटी की हालत चौंकाने वाली!

मॉनसून के प्रकोप से हरियाणा (Haryana) के हाई-टेक शहर (high-tech cities) भी अछूते नहीं हैं. साइबर सिटी (cyber city) के नाम से मशहूर गुरुग्राम (Gurugram) एक बार फिर पानी में डूब गया है, जहाँ सड़कें 3-4 फीट पानी में समा गई हैं. हीरो होंडा चौक (Hero Honda Chowk), द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) और सुभाष चौक (Subhash Chowk) जैसे इलाके विशेष रूप से प्रभावित हैं, जहाँ घंटों तक गाड़ियाँ फँसी रहीं. पड़ोसी गाजियाबाद (Ghaziabad) में भी भारी बारिश (heavy rainfall) हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव (waterlogging) हो गया. यह स्थिति बताती है कि हमारे शहरी नियोजन को अब मॉनसून के प्रभावों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है. [गुरुग्राम बाढ़] [Gurugram Rains]

उत्तर प्रदेश में यमुना खतरे के निशान के करीब: गांव हुए टापू, पलायन शुरू!

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में यमुना नदी (Yamuna River) बांदा जिले (Banda district) में अब खतरे के निशान (danger mark) के करीब पहुँच गई है, जिससे निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है. बांदा में पैलानी तहसील (Painani tehsil) सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ कई निचले इलाके जलमग्न (inundated) हो गए हैं और कई गाँव पूरी तरह से अलग-थलग (completely isolated) पड़ गए हैं. लोगों को जान जोखिम में डालकर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. बढ़ते जलस्तर (rising water levels) के मद्देनजर जिला प्रशासन (district administration) ने अलर्ट जारी कर दिया है और सभी बाढ़ चौकियों (flood outposts) को रेड अलर्ट पर सक्रिय कर दिया है. [यूपी बाढ़] [Uttar Pradesh Floods] [यमुना खतरे में]

दिल्ली-NCR का मौसम मिश्रित: कहीं धूप कहीं छाँव, आगे क्या?

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-National Capital Region - NCR) में मौसम मिलाजुला (mixed bag weather) रहा. जहाँ महीने के पहले दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में ज्यादातर सूखा मौसम रहा, वहीं नोएडा (Noida), ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) और मेरठ (Meerut) जैसे शहरों में रात भर हुई बारिश के साथ सुबह की शुरुआत हुई. परिणामस्वरूप, कुछ इलाकों में अभी भी हल्की बारिश (showers) हो रही है जबकि अन्य में बादलों वाली स्थिति बनी हुई है. 1 अगस्त को कई एनसीआर (NCR) क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश (light to moderate rain) होने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना लेकिन आर्द्र बना रहेगा. [दिल्ली मौसम] [Delhi Weather Forecast] [NCR Rain Update]

पूरे देश में बारिश का पूर्वानुमान: जानें कहाँ बरसेगा मेघ?

स्काइमेट वेदर (Skymet Weather) के अनुसार, राजस्थान (Rajasthan), उत्तरी मध्य प्रदेश (North Madhya Pradesh), पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana), दिल्ली (Delhi), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar), झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश (scattered heavy falls) की उम्मीद है.

अन्य क्षेत्रों में जहाँ हल्की से मध्यम बारिश (light to moderate rain) होगी उनमें पूर्वोत्तर भारत (Northeast India), ओडिशा (Odisha), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka), केरल (Kerala), कोंकण और गोवा (Konkan and Goa), लक्षद्वीप (Lakshadweep), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) शामिल हैं.

जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्दाख (Ladakh), पश्चिमी राजस्थान (West Rajasthan), गुजरात (Gujarat), मराठवाड़ा (Marathwada), विदर्भ (Vidarbha), तेलंगाना (Telangana), आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh), तमिलनाडु (Tamil Nadu), आंतरिक कर्नाटक (Interior Karnataka) और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Andaman & Nicobar Islands) में छिटपुट बारिश (scattered rain) की संभावना है. पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बारिश की तीव्रता अधिक रहेगी, जहाँ उत्तराखंड (Uttarakhand) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश (very heavy rain) होने की संभावना है. इन क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहि

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