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Up Kiran, Digital Desk: तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक दबाव के कारण आज की पीढ़ी के कई पुरुष शारीरिक और मानसिक कमजोरी का अनुभव कर रहे हैं। खासकर वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखना उनके लिए कठिन होता जा रहा है। यह कोई नया विषय नहीं है, लेकिन आज भी इस पर खुलकर चर्चा नहीं होती।

मानसिक तनाव और शारीरिक कमजोरी का सीधा संबंध

स्मोकिंग, चिंता और गलत खानपान जैसे कारणों से पुरुषों की ताकत पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। केवल शारीरिक कमजोरी ही नहीं, यह समस्या आत्मविश्वास और रिश्तों को भी प्रभावित करती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मर्दाना ताकत का सीधा संबंध मानसिक स्वास्थ्य से भी होता है।

आयुर्वेद में है समाधान, मुगलों के जमाने से आजमाए जा रहे नुस्खे

पुराने दौर में शासक और योद्धा अपनी ताकत बढ़ाने के लिए प्राकृतिक उपायों का सहारा लेते थे। खासकर मुगल बादशाह अपनी ऊर्जा और पुरुष शक्ति को बनाए रखने के लिए खास जड़ी-बूटियों का सेवन करते थे। यह ज्ञान आज भी आयुर्वेद में सुरक्षित है।

दो खास जड़ी-बूटियाँ जो ला सकती हैं जबरदस्त बदलाव

1. शतावरी (Asparagus Racemosus)

शतावरी को आयुर्वेद में एक शक्तिवर्धक औषधि माना गया है। यह न केवल शरीर में ऊर्जा भरती है बल्कि वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखने में भी मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और ग्लूटाथियोन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं।

2. सफेद मूसली (Safed Musli)

मुगल काल के शाही खानपान में शामिल सफेद मूसली आज भी उतनी ही असरदार मानी जाती है। यह पुरुषों के अंगों की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है।

कामसूत्र और आयुर्वेद भी करते हैं इनका समर्थन

कामसूत्र में भी ऐसी जड़ी-बूटियों का उल्लेख मिलता है जो पुरुष शक्ति को बढ़ाने में कारगर हैं। आज की व्यस्त जिंदगी में जब थकान और तनाव आम हो चुके हैं, ऐसे में इन प्राकृतिक उपायों की अहमियत और भी बढ़ जाती है।

आहार में शामिल करें और पाएँ सकारात्मक बदलाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन दोनों जड़ी-बूटियों को आहार में शामिल करने से पुरुषों को 24 घंटे तक ऊर्जावान बने रहने में मदद मिल सकती है। साथ ही ये न केवल शारीरिक ताकत बढ़ाती हैं, बल्कि मानसिक संतुलन को भी बेहतर बनाती हैं।