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UP Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दरोगा ने अपनी पेशेवर जिम्मेदारी का दुरुपयोग करते हुए महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया। इस मामले ने न सिर्फ पुलिस की छवि को धक्का पहुंचाया है, बल्कि इसने अधिकारियों के बीच जवाबदेही और उनके आचार-व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

महिला का आरोप: बार-बार फोन कर मानसिक उत्पीड़न

पीड़िता के अनुसार, दरोगा अखिलेश यादव ने एक पारिवारिक विवाद की जांच के बहाने महिला से संपर्क करना शुरू किया। शुरू में सिर्फ जांच का मामला था, लेकिन बाद में दरोगा ने उसे बार-बार फोन करने और व्यक्तिगत बातचीत के बहाने तलाशने शुरू कर दिए। महिला ने इन लगातार फोन कॉल्स और दबाव को असहनीय बताया और कहा कि दरोगा ने उसे अपने पति को छोड़ने और नौकरी दिलवाने का वादा किया था।

अश्लील हरकतों और धमकियों से परेशान महिला

महिला ने बताया कि जब उसने दरोगा के प्रस्ताव को अस्वीकार किया तो उसके साथ बदतमीजी बढ़ने लगी। उसने आरोप लगाया कि दरोगा ने उसे अपनी गाड़ी में खींचने की कोशिश की, और कई बार अश्लील हरकतें कीं। इसके अलावा, महिला और उसके पति को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। महिला का कहना था कि दरोगा ने अपनी पुलिस वर्दी का भी गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

महिला का संघर्ष: अपनी इज्जत की खातिर संघर्ष

महिला ने कहा कि उसने कई बार अपनी इज्जत और सम्मान की खातिर कुछ बातें नहीं बताईं, लेकिन उसके द्वारा सहन की जा रही इस मानसिक और शारीरिक हिंसा को उसने अब बर्दाश्त नहीं किया। पीड़िता ने मामले को एसपी तक पहुंचाया और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस विभाग पर सवाल: क्या कार्रवाई होगी?

इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। महिला के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने मामले की जांच का आदेश दिया है। अब देखना यह है कि क्या इस मामले में आरोपी दरोगा के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है, और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित होती है।