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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी की टीम से बाहर होने के बाद चर्चा ज़ोरों पर थी कि क्या उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी पड़ाव अब नज़दीक है। आईपीएल 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए शमी का प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। ऊपर से 2023 विश्व कप के बाद आई लंबी चोट ने उनके खेल को काफी चुनौतीपूर्ण बना दिया।

हालाँकि, गुरुवार से दलीप ट्रॉफी में लाल गेंद से गेंदबाज़ी की शुरुआत कर रहे शमी के लिए यह प्रतियोगिता बेहद अहम मानी जा रही है। यही मंच उनके लिए टीम इंडिया के दरवाज़े फिर से खोल सकता है। लेकिन 34 की उम्र में एक तेज़ गेंदबाज़ का वापसी करना आसान नहीं होता और यही बात शमी की राह को चुनौतीपूर्ण बनाती है।

संन्यास को लेकर उठे सवालों का शमी ने सख़्त लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अगर किसी को मेरी वजह से दिक़्कत है तो मुझे बताइए। क्या मेरी रिटायरमेंट लेने से किसी की जिंदगी आसान हो जाएगी? जब मुझे लगेगा कि अब मन नहीं लग रहा, तब मैं खुद क्रिकेट से दूर हो जाऊँगा। आप सेलेक्ट न करें, कोई बात नहीं। मैं खेलना बंद नहीं करूँगा। अंतरराष्ट्रीय न सही, मैं घरेलू क्रिकेट खेलता रहूँगा। संन्यास तब लेना चाहिए जब थकान या ऊब महसूस हो, और मेरे लिए वह वक्त अभी नहीं आया है।”

शमी ने अपनी सबसे बड़ी ख्वाहिश भी साफ़ की 2027 वनडे विश्व कप में भारत को जीत दिलाने की। उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी का एक ही सपना बाकी है भारत को वनडे विश्व कप जीतते हुए देखना। 2023 में हम बहुत क़रीब पहुँचे थे, पूरा देश उम्मीद लगाए बैठा था। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मेरे उस मैच का जिक्र हमेशा याद रहेगा जब मैंने सात विकेट लिए। टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 24 विकेट लेने वाला गेंदबाज़ बनना गौरव की बात थी, लेकिन कप हाथ में न आना दर्द भी दे गया। अब यही सपना है, कि 2027 में जो अधूरा रह गया, उसे पूरा कर सकूँ।”

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