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Up Kiran, Digital Desk: गुरुवार को जब भारतीय शेयर बाज़ार में चौतरफ़ा बिकवाली का हाहाकार मचा हुआ था और निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब रहे थे, तब एक सरकारी कंपनी का शेयर हवा के उल्टे रुख में तूफ़ानी तेज़ी से भाग रहा था। यह कंपनी है रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), जिसके शेयर ने आज बाज़ार की गिरावट के बावजूद लगभग 3% की ज़बरदस्त छलांग लगाई।

एक तरफ़ जहाँ सेंसेक्स और निफ़्टी जैसे बड़े इंडेक्स धराशायी हो रहे थे, वहीं RVNL का शेयर निवेशकों के लिए किसी सुनहरे मौक़े की तरह चमक रहा था। आख़िर आज ऐसा क्या हुआ कि इस सरकारी रेलवे स्टॉक पर निवेशक इतने मेहरबान हो गए?

इस एक ख़बर ने बदल दी शेयर की चाल

RVNL की इस तूफ़ानी तेज़ी के पीछे एक बहुत बड़ी और सकारात्मक ख़बर है। RVNL ने रेलवे सेक्टर की एक और दिग्गज कंपनी, टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग (Texmaco Rail & Engineering) के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर (JV) यानी एक नई साझा कंपनी बनाने का ऐलान किया है।

यह कोई छोटी-मोटी साझेदारी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा पावरफुल गठजोड़ है, जिसका मक़सद भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में क्रांति लाना और विदेशी बाज़ारों में भारत के रेलवे उत्पादों का निर्यात बढ़ाना है।

क्या करेगी यह नई कंपनी;यह नई कंपनी, जिसका नाम "भारत वैगन एंड इंजीनियरिंग" रखा जाएगा, कई बड़े कामों को अंजाम देगी:

आधुनिक डिब्बे बनाना: यह कंपनी भारतीय रेलवे के लिए नए ज़माने के आधुनिक वैगन (मालगाड़ी के डिब्बे) और कोच बनाएगी।

पुरानों को नया करना: रेलवे के पुराने हो चुके डिब्बों और कोचों को नई तकनीक से लैस कर उन्हें फिर से जवान किया जाएगा।

विदेशों में होगी बिक्री: सबसे बड़ी बात यह है कि यह जॉइंट वेंचर सिर्फ़ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि विदेशी रेल नेटवर्कों के लिए भी उत्पाद बनाएगा और उन्हें बेचेगा। इससे भारत की रेलवे इंजीनियरिंग को दुनिया भर में एक नई पहचान मिलेगी।

इस साझेदारी में RVNL की हिस्सेदारी 25% और टेक्समैको की हिस्सेदारी 75% होगी। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि यह पार्टनरशिप RVNL और टेक्समैको, दोनों के लिए ही एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इसी उम्मीद ने आज बिकवाली के दबाव के बावजूद RVNL के शेयर में नई जान फूंक दी और निवेशकों ने इस शेयर की जमकर ख़रीदारी की।

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