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Up Kiran, Digital Desk: अगस्त के महीने ने जाते-जाते उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल दिया है। दिल्ली वालों को जहाँ उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं पंजाब के कई गाँव पानी में डूब गए हैं। पहाड़ी इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है, और उत्तराखंड के लिए तो चेतावनी भी जारी कर दी गई है। चलिए जानते हैं कि उत्तर भारत के राज्यों में मौसम किस तरह कहर बरपा रहा है।

दिल्ली में 15 साल बाद ऐसी बारिश

दिल्ली वालों के लिए यह सुबह किसी आश्चर्य से कम नहीं थी। रात भर हुई झमाझम बारिश ने पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सड़कें तालाब बन गईं और जगह-जगह पानी भरने से गाड़ियों की रफ़्तार पर ब्रेक लग गया। हालांकि, इस बारिश ने पिछले कई दिनों से चली आ रही चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत दी है और मौसम को खुशनुमा बना दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी कुछ और दिन हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।

पंजाब में बाढ़ से हाहाकार

एक तरफ जहाँ दिल्ली में बारिश राहत लेकर आई, वहीं पंजाब के लिए यह आफत बन गई है। नदियों में बढ़े जलस्तर और लगातार हो रही बारिश की वजह से राज्य के कई जिले, खासकर फाजिल्का और फिरोजपुर के सीमावर्ती गाँव, बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब चुकी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। बचाव दल दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

पहाड़ों पर बढ़ा खतरा, उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट

मैदानी इलाकों की बारिश का असर अब पहाड़ों पर भी दिखने लगा है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि यहाँ बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन (पहाड़ खिसकना) और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से बचें और नदियों के पास न जाएँ।

उत्तर भारत में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं यह राहत है, तो कहीं यह बड़ी आफत बन चुका है।

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