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Up Kiran,Digital Desk: यूपी में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को अब अपनी टैबलेट तकनीकी समस्याओं का समाधान जल्दी और आसानी से मिल सकेगा। 9 फरवरी से, प्रदेश के सभी शहरों में टैबलेट सेवा कैंप लगाए जाएंगे, जो शिक्षक समुदाय के लिए एक बड़ी राहत साबित होंगे। इस पहल से शिक्षकों को न केवल अपनी तकनीकी समस्याओं का समाधान तुरंत मिलेगा, बल्कि उनके डिजिटल कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट से बचने का अवसर भी मिलेगा।

तकनीकी सहायता की नई व्यवस्था

प्रदेश सरकार ने इस निर्णय के तहत तय किया है कि टैबलेट से जुड़ी किसी भी तकनीकी खराबी का निवारण अब ज़िले के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में आयोजित सेवा कैंपों के माध्यम से होगा। शिक्षकों को इन कैंपों में बुलाया जाएगा जहां वही कंपनियां आएंगी जिन्होंने टैबलेट आपूर्ति की है और वे तकनीकी समस्याओं का समाधान मौके पर ही करेंगी। इससे शिक्षकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उन्हें तत्काल सहायता मिलेगी।

टैबलेट की वारंटी और MDM मुद्दों का समाधान

इन सेवा कैंपों के दौरान, टैबलेट की वारंटी, मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) और अन्य तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाएगा। इससे न केवल शिक्षकों का समय बचने वाला है, बल्कि उन्हें बार-बार परेशान होकर अपने कार्य में रुकावट महसूस नहीं होगी।

अधिकारियों की नई जिम्मेदारी

महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने इस पहल के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि हर जिले में कैंप सही तरीके से आयोजित हो और कोई भी लापरवाही न हो। इसके अलावा, खंड शिक्षा अधिकारियों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे इस कार्यक्रम की जानकारी सभी शिक्षकों तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी शिक्षक इस अवसर से वंचित न रहे और समय पर अपने टैबलेट के साथ सेवा कैंप में उपस्थित हो सके।

सरकार का उद्देश्य: शिक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि

प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने काम के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। चाहे वह ऑनलाइन रिपोर्टिंग हो, शैक्षणिक ऐप्स का इस्तेमाल हो या अन्य विभागीय कार्य, सभी गतिविधियों के लिए टैबलेट का सही तरीके से काम करना ज़रूरी है। सेवा कैंप के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षकों को तकनीकी सहायता समय पर मिल सके और उनके डिजिटल कार्य में किसी प्रकार की रुकावट न आए।