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Up kiran,Digital Desk : पंजाब के फरीदकोट में एक कहावत सच हो गई है - "जब ऊपर वाला देता है, तो छप्पर फाड़ के देता है." सैदोके गांव की रहने वाली नसीब कौर की कहानी कुछ ऐसी ही है. जो महिला कल तक चिलचिलाती धूप में खेतों में मजदूरी करके अपने घर का गुजारा करती थी, आज वह डेढ़ करोड़ रुपये की मालकिन बन गई है.

चार साल का इंतजार, एक दिन में बदली जिंदगी

यह कहानी सिर्फ नसीब कौर की नहीं, बल्कि उनके पति राम सिंह के भरोसे की भी है. राम सिंह पिछले चार सालों से लगातार लॉटरी का टिकट खरीद रहे थे, इस उम्मीद में कि शायद कभी उनकी किस्मत भी चमक जाए. लेकिन हर बार उनके हाथ निराशा ही लगती थी.

फिर 6 दिसंबर की वह सुबह आई, जब उन्होंने सादिक कस्बे के एक दुकानदार से 200 रुपये का एक मंथली बंपर टिकट खरीदा, इस बार अपनी पत्नी नसीब कौर के नाम से. उन्हें क्या पता था कि शाम होते-होते यही एक टिकट उनकी पूरी जिंदगी बदलने वाला है.

जब घर पहुंची करोड़पति बनने की खबर

उसी शाम जब लॉटरी के नतीजे घोषित हुए, तो नसीब कौर के नाम वाले टिकट पर डेढ़ करोड़ रुपये का पहला बंपर इनाम निकला. यह खबर जब घर पहुंची तो मानो पूरे परिवार की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा. जिस घर में कल तक दो वक्त की रोटी की चिंता थी, आज वहां बधाइयों का तांता लगा हुआ है.

नसीब कौर और राम सिंह की आंखों में खुशी के आंसू हैं. उन्होंने बताया कि यह पैसा भगवान के किसी वरदान जैसा है. उन्होंने तय किया है कि वे इस पैसे से अपने बेटे के लिए कुछ जमीन खरीदेंगे, ताकि वह अपने जीवन को बेहतर बना सके और उसे वह मुश्किलें न देखनी पड़ें, जो उन्होंने अपनी जिंदगी में देखी हैं.