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Up Kiran, Digital Desk: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी अफसरों ने वेनेजुएला के तेल उत्पादन पर एक सख्त आदेश जारी किया है, जिससे देश के अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वेनेजुएला को चीन, रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों के साथ अपने संबंधों को कम करने होंगे, ताकि उसे अपने तेल उत्पादन को बढ़ाने की अनुमति मिल सके।

ट्रंप का नया फरमान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे केवल अमेरिका को ही अपनी तेल आपूर्ति का प्राथमिक साझेदार बनाएं। एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला भारत के करीबी मित्र रूस और अन्य देशों के साथ अपने आर्थिक रिश्ते पूरी तरह समाप्त कर दे। यह कदम वेनेजुएला की विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव हो सकता है, क्योंकि यह देश दशकों से इन देशों पर निर्भर रहा है। खासकर ह्यूगो शावेज और निकोलस मादुरो के शासन में इन देशों का आर्थिक और सैन्य समर्थन महत्वपूर्ण रहा है।

तेल के बदले शर्तें

अमेरिका ने साफ किया है कि वेनेजुएला को अधिक तेल उत्पादन की अनुमति तभी मिलेगी जब वह अमेरिका के आदेशों का पालन करेगा। हालांकि, इस रिपोर्ट पर वाइट हाउस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल की आपूर्ति करेगा, जिसकी कीमत करीब 2.8 अरब डॉलर होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस तेल को बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और इससे होने वाली आय का उपयोग दोनों देशों के हित में किया जाएगा।

वेनेजुएला की विदेश नीति पर असर

यह आदेश वेनेजुएला की विदेश नीति पर एक ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है। अब तक, वेनेजुएला ने चीन, रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों से काफी सहायता प्राप्त की है, और इन देशों के साथ मजबूत आर्थिक और सैन्य रिश्ते बनाए हैं। खासतौर पर मादुरो के शासन में इन देशों ने वेनेजुएला को संकट के समय सहायता दी है। ऐसे में इन रिश्तों को तोड़ने का मतलब होगा कि वेनेजुएला अपनी नीति में एक बड़ा मोड़ लेगा, और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बदलाव देश की आंतरिक राजनीति और विदेशी रिश्तों पर क्या असर डालता है।

वैश्विक तेल बाजार पर प्रभाव

वैश्विक तेल बाजार पर भी इस बदलाव का असर पड़ सकता है, क्योंकि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं। अमेरिका की ओर से तेल के अधिक उत्पादन की अनुमति देने के साथ, यह देश वैश्विक तेल आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न सिर्फ वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।