img

Up Kiran, Digital Desk: बिहार के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों ठंडी हवाओं और घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। सुबह के समय ठंड का प्रभाव खासतौर पर अधिक महसूस हो रहा है, जिससे सर्दी में और भी वृद्धि हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दो दिनों (6 और 7 जनवरी) में बिहार के कई जिलों में घने कोहरे का अनुमान है, जो आम जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।

कौन से जिले होंगे प्रभावित?
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गया, नवादा, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर जिलों में घने कोहरे के आने की चेतावनी दी है। इन जिलों में सुबह और रात के वक्त दृश्यता में काफी कमी हो सकती है, जिससे सड़क यातायात और रेल यात्रा में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

गया में सबसे कम तापमान
पटना मौसम केंद्र ने यह भी बताया कि गया राज्य का सबसे ठंडा जिला बन गया है, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस सर्दी से किसानों और आम जनता को खासतौर पर नुकसान हो सकता है, क्योंकि ठंडी और नमी से फसलों को भी नुकसान पहुँच सकता है।

सार्वजनिक सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश
घने कोहरे के कारण सड़क पर वाहन चालकों के लिए सतर्कता जरूरी है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने, फॉग लाइट का उपयोग करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं, रेलवे और बस सेवाओं में भी देरी हो सकती है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी
ठंड के कारण बच्चों और बुजुर्गों को खास ध्यान रखने की आवश्यकता है। उनके लिए गर्म कपड़े पहनना जरूरी है, और ठंडी हवाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा, मौसम के इस बदलाव के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे बुखार, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे बढ़ती ठंड और नमी को देखते हुए अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं। इससे फसलों के नुकसान को रोका जा सकता है, और कृषि उत्पादन में कोई रुकावट नहीं आएगी।