Up kiran,Digital Desk : न्यूयॉर्क में प्रवासियों पर हो रही federal छापेमारी के बीच शहर के होने वाले नए मेयर जोहरान ममदानी ने एक वीडियो जारी कर ट्रंप प्रशासन से सीधे-सीधे टकराव मोल ले लिया है। रविवार को सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो में उन्होंने शहर के लाखों प्रवासियों को सलाह दी है कि वे इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इंफोर्समेंट (ICE) के एजेंटों से न तो बात करें और न ही उनके आदेशों का पालन करें।
"चुप रहो, वीडियो बनाओ, और पूछो- क्या मैं जा सकता हूं?"
वीडियो में ममदानी ने शहर के करीब 30 लाख प्रवासियों की सुरक्षा का वादा करते हुए कहा, "अगर आप अपने अधिकार जानते हैं, तो आप ICE का सामना कर सकते हैं।" उन्होंने साफ तौर पर बताया कि अमेरिका में रहने वाले लोगों को यह अधिकार है कि वे:
- संघीय आव्रजन एजेंटों (ICE) से बात करने से मना कर सकते हैं।
- बिना किसी बाधा के उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकते हैं।
- एजेंटों को अपने घर, स्कूल या ऑफिस जैसी किसी भी निजी जगह में घुसने से रोक सकते हैं, जब तक कि उनके पास किसी जज के दस्तखत वाला वारंट न हो।
- भले ही ICE एजेंट आपसे झूठ बोलें, आपको चुप रहने का पूरा अधिकार है।
- अगर एजेंट आपको रोकते हैं, तो आप उनसे बार-बार यह सवाल पूछ सकते हैं- "क्या मैं जा सकता हूं?"
क्यों जारी किया गया यह वीडियो?
ममदानी का यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब मैनहैटन में ICE ने हाल ही में छापेमारी की है। कुछ ही हफ्ते पहले, चाइनाटाउन इलाके में स्थानीय लोग और प्रदर्शनकारी उस वक्त इकट्ठा हो गए थे, जब ICE एजेंट कुछ लोगों को हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे थे। इस तरह के विरोध प्रदर्शन पहले भी देखे जा चुके हैं, जहां आम नागरिकों ने प्रवासियों को बचाने के लिए मानव श्रृंखला बना ली थी।
जोहरान ममदानी 1 जनवरी को मेयर पद की शपथ लेंगे। उन्होंने अपने वीडियो में दोहराया, "न्यूयॉर्क हमेशा प्रवासियों का स्वागत करेगा और मैं हर दिन उनकी सुरक्षा, सहयोग और सम्मान के लिए लड़ता रहूंगा।"
यह पूरा मामला इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि कुछ ही हफ्ते पहले ममदानी ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात भी की थी। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में न्यूयॉर्क, न्यू ऑरलियन्स समेत अमेरिका के कई शहरों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान शुरू किया है, जिसका ममदानी और कई अन्य नेता मुखर रूप से विरोध कर रहे हैं।




