Up Kiran, Digital Desk: अगर आप भी क्रिकेट के दीवाने हैं तो ये बात आपके दिमाग में जरूर घूमी होगी कि विराट कोहली की पहली औलाद वामिका बेटी है, रोहित शर्मा की बेटी का नाम सामरा है और महेंद्र सिंह धोनी की बेटी जीवा है। तीनों महान खिलाड़ी। तीनों के घर सबसे पहले बेटी। क्या ये महज इत्तेफाक है? बिल्कुल नहीं!
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. योकेश अरुल ने एक वायरल वीडियो में जो खुलासा किया है, उसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। डॉक्टर साहब कहते हैं कि ये कोई संयोग नहीं बल्कि एकदम पक्की साइंस है जिसे हम रोजमर्रा की जिंदगी में नजरअंदाज कर देते हैं।
अब सवाल ये उठता है कि बच्चा लड़का होगा या लड़की – ये फैसला कैसे होता है?
बहुत आसान भाषा में समझिए। लड़की बनने के लिए X क्रोमोजोम चाहिए और लड़का बनने के लिए Y क्रोमोजोम। मां के अंडाणु (एग) में हमेशा सिर्फ X क्रोमोजोम होता है। पिता के स्पर्म में आधे में X और आधे में Y होता है।
यहां ट्विस्ट ये है कि Y क्रोमोजोम वाला स्पर्म X वाले स्पर्म से ज्यादा कमजोर और नाजुक होता है। तेज रफ्तार में तैर नहीं पाता। ज्यादा गर्मी, तनाव, खराब लाइफस्टाइल या देर से शादी करने से Y वाला स्पर्म और कमजोर पड़ जाता है। नष्ट भी हो जाता है। नतीजा? पहले बच्चे में ज्यादातर X वाला स्पर्म ही अंडाणु तक पहुंच पाता है। यानी बेटी!
अब इसे क्रिकेटर्स से जोड़िए। विराट, रोहित और धोनी तीनों ने काफी उम्र में शादी की। करियर के पीक पर थे। ट्रेनिंग, ट्रैवल, मैच प्रेशर, जिम में पसीना – सब कुछ एक्सट्रीम लेवल पर। बॉडी हमेशा हाई टेम्परेचर और स्ट्रेस में रहती थी। ऐसे में Y क्रोमोजोम वाला स्पर्म बचना मुश्किल हो जाता है।
डॉक्टर योकेश ने साफ कहा – “जो लोग देर से शादी करते हैं या जिनकी लाइफ में बहुत ज्यादा शारीरिक-मानसिक तनाव रहता है, उनके यहां पहले बच्चे के रूप में बेटी होने की संभावना कहीं ज्यादा होती है।”
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