बिकरु कांड : विकास दुबे के करीबी जय बाजपेयी की चार संपत्तियों पर प्रशासन की कार्रवाई, विदेश में…

मुख्य अभियुक्त रहे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey)  के खजांची जय बाजपेयी पर शिकंजा तेज कर दिया है। रविवार को प्रशासन की टीम भारी फोर्स के साथ जय के मकान पर पहुंची और वहां पर रह रहे लोगों को बाहर कर एक-एक कर चार संपत्तियों को सील कर दिया।

कानपुर, 06 सितम्बर यूपीकेएनएन। कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गये विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey)  के करीबियों पर पुलिस कहर बनकर टूट रही है। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या की घटना बिकरु कांड पर सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद अब प्रशासन मुख्य अभियुक्त रहे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey)  के खजांची जय बाजपेयी पर शिकंजा तेज कर दिया है। रविवार को प्रशासन की टीम भारी फोर्स के साथ जय के मकान पर पहुंची और वहां पर रह रहे लोगों को बाहर कर एक-एक कर चार संपत्तियों को सील कर दिया। बेघर हुई जय की पत्नी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पति को निर्दोष बताया। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पीछे इलाके के एक अधिवक्ता का हाथ है।

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एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गये बिकरु कांड के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) के खजांची के रुप में ब्रह्मनगर निवासी जय बाजपेयी का नाम सामने आया था। उस पर आरोप है कि विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey)  के रुपयों का लेनदेन का करता था और घटना के एक दिन पहले विकास को कारतूस भी मुहैया कराया था। इन्ही आरोपों की जांच के बाद पुलिस ने जय बाजपेयी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया और तीन भाइयों पर भी मुकदमा दर्ज हो गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार चल रहे तीनों भाइयों ने कुर्की के डर से बीते दिनों कोर्ट में सरेंडर कर दिये।

इसके बाद पुलिस ने जय बाजपेई की संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर सीज करने की कार्रवाई शुरु कर दी। इसी कड़ी में पुलिस रिपोर्ट पर जिलाधिकारी के आदेश के बाद तहसीलदार सदर के निर्देशन में प्रशासनिक टीम भारी फोर्स के साथ रविवार को जय के ब्रह्मनगर स्थित घर पहुंची और सबसे पहले जय बाजपेई के मकान नंबर 111/ 481 को सील किया। इस मकान में रहने वाले तीन किरायेदारों ने शनिवार देर रात अपना सामान समेट लिया था। इसके बाद टीम ने 107/300 के 18 वर्गगज हिस्से को सील किया, जिसे सात साल पहले खरीदा गया था। इसके बाद मकान संख्या 107/298 को सील किया, जिसमें जय की मां प्रसून और भाई अभय का परिवार रह रहा था।

प्रशासनिक टीम ने मकान में रहने वाले सभी लोगों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद जय की पत्नी श्वेता, मासूम बेटी कुहू और बेटे कान्हा को बाहर निकालकर प्रशासनिक टीम ने मकान संख्या 111/478 को भी सील किया गया। सदर तहसीलदार अतुल कुमार ने बताया कि अभी जय की चार अचल संपत्तियों को सील किया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्यवाही होगी। इस दौरान नजीराबाद, कर्नलगंज, अर्मापुर और फजलगंज आदि थानों का फोर्स व पीएसी मौजूद रही।

प्रशासन की कार्रवाई पर पत्नी ने उठाये सवाल

प्रशासन की टीम ने जय बाजपेयी की चार संपत्तियों को एक-एक कर सील कर दिया और पत्नी श्वेता और मां प्रसून बेघर हो गयी। पत्नी श्वेता अपने साथ बांके बिहारी की प्रतिमा लेकर बच्चों के साथ घर से निकलकर बाहर आई और प्रशासन द्वारा संपत्ति सील किए जाने की कार्रवाई को उत्पीड़न बताया। यही बात जय की मां प्रसून ने भी कही। श्वेता ने कहा कि अब तक प्रशासन ने उनसे संपत्ति के बाबत कोई सबूत नहीं मांगा है, जबकि जय के साथ वह भी 10 वर्ष से आयकर रिटर्न भर रही हैं। इसके साथ ही कहा कि यह सब कार्रवाई इलाके के रहने वाले एक अधिवक्ता के इशारों पर हो रही है।

विदेश में नहीं है कोई संपत्ति

जय की पत्नी श्वेता ने कहा कि अफवाह उड़ाई जा रही है कि जय की संपत्ति थाइलैंड, दुबई आदि देशों में है जो पूरी तरह से निराधार है। विदेश में हमारी कोई भी संपत्ति नहीं है और यह सब अधिवक्ता करा रहा है। उन्होंने कहा कि पति निर्दोष हैं और जिस तरह से अधिवक्ता उनका पड़ोसी है, उसी तरह से गांव में विकास दुबे पड़ोसी था। बताया कि पति ने अपनी मेहनत से संपत्ति अर्जित की है और एक मकान अभी भी लोन पर है, उसे भी सील कर दिया गया। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है।

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