Agitation : निगम कर्मचारियों का क्रमिक अनशन किसलिए ?

वर्षों से गढवाल मंडल विकास निगम {जीएमवीएन} और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन )

देहरादून : वर्षों से गढवाल मंडल विकास निगम {जीएमवीएन} और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन ) में कार्य कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण और घाटे में चल रहे निगमों को 50-50 करोड़ की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग को लेकर संयुक्त कर्मचारी महासंघ कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के कर्मचारियों ने जीएमवीएन मुख्यालय पर सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। क्रमिक अनशन 18 सितंबर तक चलेगा।

कर्मचारी महासंघ के महासचिव आशीष उनियाल ने कहा कि जीएमवीएम और केएमवीएम पर्यटन क्षेत्र की प्रमुख संस्था है। पर्यटन को देश-विदेश में प्रचारित करने के लिए दोनों निगम लगातार कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी निगमों की उपेक्षा की जा रही है। निगम में कई कर्मचारी 15 से 20 साल से कार्य कर रहे हैं।

लगातार मांग के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। नियमितीकरण की फाइल कई वर्षों से शासन में अटकी हुई है। कोरोना में दोनों निगमों को काफी घाटा हुआ है। निगमों के पास कर्मचारियों के वेतन आदि भत्तों के लिए पैसा नहीं है। कर्मचारी लगातार मांग कर रहे हैं कि निगमों को घाटे से उभारने के लिए दोनों निगमों को 50-50 करोड़ की राशि दी जाए, इसे भी अनसुना किया जा रहा है।

कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेश रमोला का आरोप है कि सरकार जानबूझ कर निगमों की उपेक्षा कर रही है। निगमों को बंद करने की साजिश रची जा रही है। कहा कि 18 सितंबर तक क्रमिक अनशन किया जाएगा। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अनशन में नरेश ममगाईं, दिनेश सिंह रावत, सुरजीत, गिरीश चंद्र जोशी, वरुण पोखरियाल, सुनील नेगी, नरेंद्र कंडारी, राजेंद्र, विक्रम सिंह, चंद्र बल्लभ, प्रवेश राजेश पंवार आदि शामिल रहे !

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