विश्लेषण: यूपी के विप्र तो यह भी नहीं जानते कि जितिन प्रसाद ब्राह्मण हैं

कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर थामा बीजेपी का दामन

लखनऊ। कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने बुधवार को कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। इसे यूपी विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका बताया जा रहा है। शायद पहली बार जितिन प्रसाद को कद्दावर ब्राह्मण नेता के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। हालांकि उत्तर प्रदेश के विप्र तो यह भी नहीं जानते कि जितिन प्रसाद ब्राह्मण हैं। ऐसे में उन्हें कद्दावर ब्राह्मण नेता के तौर पर प्रचारित करना बीजेपी की रणनीति के सिवा कुछ भी नहीं है।

दरअसल, जितिन प्रसाद का परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेसी रहा है, लेकिन जितिन का कांग्रेस छोड़ना चौंकाने वाली बात नहीं है। लगातार दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव बुरी तरह से हारने के बाद से कांग्रेस पार्टी में जितिन की सियासी हसरत और हैसियत को पलीता लग गया था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद ही जितिन ब्राह्मण – ब्राह्मण खेलने लगे हालांकि, कांग्रेस से उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा था। इसके बाद जितिन ने ब्रह्म चेतना सवांद कार्यक्रम की घोषणा की। उनके इस कार्यक्रम से भी कांग्रेस ने किनारा कर  लिया।

अगर जितिन प्रसाद का रिपोर्ट कार्ड देखा जाय तो वह बेहद कमजोर राजनीतिज्ञ साबित होते हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पराजित हुए। इसके बाद 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी बरती तरह से हार गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में तो जितिन की जमानत तक जब्त हो गई। यही नहीं अभी हाल में ही यूपी पंचायत चुनाव में जितिन अपनी भाभी को चुनाव नहीं जितवा पाये।

बीजेपी द्वारा जितिन प्रसाद को यूपी के बड़े ब्राह्मण नेता के तौर पर प्रचारित करने पर यूपी एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस के कद्दावर युवा ब्राह्मण नेता राघवेंद्र नारायण कहते हैं कि ब्राह्मण कोई आलू की गठरी नहीं है कि जो जब और जहां चाहे इसे तौल दे। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में बीजेपी द्वारा इस समाज की जो घोर उपेक्षा हुई है, सैकड़ों ब्रम्ह हत्याओं का जो दाग इस सरकार पर लगा है, वह पाप अब किसी के जाने या आने से धुलने वाला नहीं है। ‘हित अनहित पशु-पक्षी जाना’। और ब्राह्मण तो सनातन समाज का अगुवा है।

कांग्रेस के कद्दावर युवा ब्राह्मण नेता राघवेंद्र नारायण ने कहा कि 2022 में जिस प्रकार पश्चिम बंगाल की शांडिल्य गोत्रीय एक ब्राह्मणी ने बीजेपी को धुल चटाने का काम किया है वैसे ही यूपी का ब्राह्मण समाज भी बीजेपी को धुल चटानेके लिए उतावला है। उन्होंने कहा कि कल तक यही जितिन ब्राह्मणों के अपमान के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार मानते थे। आज वही उसी जगह जाकर गिरे, यह देखकर आश्चर्य होता है। राघवेंद्र नारायण ने कहा कि टाइटिल के हिसाब से जितिन कौन से ब्राह्मण हैं? ये कोई नहीं जानता, शायद जितिन प्रसाद भी नहीं।

कांग्रेस के कद्दावर युवा ब्राह्मण नेता ने कहा कि पिछले 31 सालो से उत्तर प्रदेश के भीतर ब्राह्मण समाज उपेक्षा का जो दंश झेल रहा है, कांग्रेस पार्टी अगर सही ढंग से अपने आप को प्रस्तुत कर पाई तो वह उत्तर प्रदेश में ब्रह्मणो की पहली पसंद बन सकती है ! उन्होंने कहा कि श्रीमती प्रियंका गांधी को ब्रह्मण समाज आशा और उम्मीद भरी निगाहो से देख रहा है।

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