और जब सीएम योगी ने कारीगरों का खरीद लिया पूरा सामान, फिर…

राजधानी में आयोजित माटीकला प्रदर्शनी में भारी भीड़ उमड़ने और मुख्यमंत्री की स्वदेशी सामान खरीदने की अपील के कारण अच्छे मुनाफे से उत्साहित कुछ हुनरमंद आज अपना बचा हुआ सामान मुख्यमंत्री को उपहार स्वरूप भेंट करने पहुंचे।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कदम से शुक्रवार को माटी कला कारीगरों के चेहरे की चमक देखने लायक थी। राजधानी में आयोजित माटीकला प्रदर्शनी में भारी भीड़ उमड़ने और मुख्यमंत्री की स्वदेशी सामान खरीदने की अपील के कारण अच्छे मुनाफे से उत्साहित कुछ हुनरमंद आज अपना बचा हुआ सामान मुख्यमंत्री को उपहार स्वरूप भेंट करने पहुंचे। वह अपने उत्पाद उन्हें उपहार में देते इससे पहले ही मुख्यमंत्री ने उनका पूरा सामान खरीद लिया। इससे माटी कला कलाकार खुशी से फूले नहीं समाए और उन्होंने मुख्यमंत्री का बेहद आभार भी जताया। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश के ‘एक जिला-एक उत्पाद’ को बढ़ावा देने में जुटे हैं। उन्होंने लोगों से दीपावली पर एक दूसरे को एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़े उपहार दिए जाने की अपील भी की है, जिसे वह जीवन भर अपनी यादों में उसे संजोये रखें। मुख्यमंत्री स्वयं भी इसे लेकर बेहद संवेदनशील हैं। 
 
इसका नमूना आज उस समय देखने को मिला जब उनके आवास पर यहां माटी कला बजार में अच्छे मुनाफे से उत्साहित कुछ हुनरमंद अपना बचा हुआ सामान उपहार स्वरूप भेंट करने पहुंचे। हालांकि ये माटी कलाकार अपना सामान उपहार में देते इससे पहले ही मुख्यमंत्री ने उसे पूरा खरीद लिया और भुगतान किया। इसके साथ ही उन्होंने इन लोगों से बातचीत की, उत्साहवर्धन किया और दीपावली पर बधाई भी दी। 
 
बताया जा रहा है कि इन उत्पादों की कीमत करीब बीस हजार थी। ये हुनरमंद इसे अपनी ओर से मुख्यमंत्री को तोहफा देना चाहत थे। लेकिन जिस तरह से मुख्यमंत्री ने एक-एक माटी कला कारीगर से उसके उत्पाद की कीमत पूछकर उसे स्वयं खरीद लिया, इससे इनके चेहरे की चमक देखते बनती थी। वहीं वापस जाते वक्त मुख्यमंत्री ने सभी को मिठाई खिलाई और उपहार भी दिया।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार एक जिला एक उत्पाद से जुड़ी भेंट राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई माननीय लोगों को भेज रहे हैं। मुख्यमंत्री इसके जरिए प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की विशेषताओं से सभी को अवगत करा रहे हैं और इससे इनका प्रचार-प्रसार भी हो रहा है।
 
मुख्यमंत्री के मुताबिक कीमत उपहार की नहीं, यादों की होती है। इस दिवाली अपने मित्रों, रिश्तेदारों या प्रियजनों को उपहार में ओडीओपी योजना के तहत अपने जिले का विशेष उत्पाद दीजिए, जिसे वह अपनी यादों की तौर पर संभल कर रखेंप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल अभियान से जुड़कर यूपी का बेमिसाल हुनर घर लाएं। ये एक कदम लाखों परिवारों की जिन्दगी में दिवाली पर एक नई रोशनी ला सकता है।
 
अपर मुख्य सचिव एवं महाप्रबन्धक, माटीकला बोर्ड, डॉ नवनीत सहगल के मुताबिक माटीकला प्रदर्शनी में कल तक 35.31 लाख से अधिक की खरीदारी हो चुकी है। प्रदेश सरकार स्वदेशी को बढ़ावा देने के साथ ही सुदूर ग्रामीण अंचलों में ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बेहद संवेदनशील है। इसी परिप्रेक्ष्य में मिट्टी से जुड़े कारीगरों के जीवन में वांछित सुधार लाने और प्रदेश की गौरवशील पारंपरिक कला संरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जगह-जगह मेले एवं प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। 

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