अर्नब गोस्वामी की मुसीबतें बढ़ीं, अब उद्धव सरकार ने लिया ये बड़ा एक्शन

विधानसभा अध्यक्ष नाना पाटोले ने बताया कि अर्नब गोस्वामी को विशेष अधिकार हनन समिति ने पहले भी नोटिस जारी की थी लेकिन अर्नब ने इनका जवाब नहीं दिया था। विशेष अधिकार हनन की कार्रवाई गोपनीय रहती है और इस मामले की जानकारी बाद में पत्रकारों को दी जाएगी।

मुंबई। टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को विधानसभा की विशेष अधिकार हनन समिति ने अर्नब गोस्वामी को दो नोटिस जारी किये। समिति ने इस मामले में अर्नब गोस्वामी से अपना पक्ष रखने को कहा है।
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विधानसभा अध्यक्ष नाना पाटोले ने बताया कि अर्नब गोस्वामी को विशेष अधिकार हनन समिति ने पहले भी नोटिस जारी की थी लेकिन अर्नब ने इनका जवाब नहीं दिया था। विशेष अधिकार हनन की कार्रवाई गोपनीय रहती है और इस मामले की जानकारी बाद में पत्रकारों को दी जाएगी।

अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था

अर्नब गोस्वामी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व गृहमंत्री के विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इसलिए शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने अर्नब गोस्वामी के विरुद्ध विशेष अधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव की सुनवाई पूर्व गृहराज्य मंत्री व शिवसेना विधायक दीपक केसरकर की अध्यक्षता में हो शुक्रवार को शुरू की गई है।

18 नवम्बर तक न्यायिक हिरासत में अर्नब

उल्लेखनीय है कि अर्नब गोस्वामी को अन्वय नाईक व कुमुद नाईक आत्महत्या मामले में रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया और मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें 18 नवम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि रायगढ़ पुलिस ने मजिस्ट्रेट कोर्ट से अर्नब गोस्वामी की पुलिस हिरासत मांगी थी। रायगढ़ मजिस्ट्रेट के इस आदेश को रायगढ़ पुलिस ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई 7 नवम्बर को होने वाली है।

कोर्ट ने पक्ष रखने को कहा

अर्नब के वकील एबाद पोंडा ने अर्नब की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए अंतरिम जमानत देने की मांग की थी लेकिन हाईकोर्ट ने इस मामले में अन्वय नाईक की बेटी को प्रतिवादी बनाए जाने के लिए नोटिस जारी किया है। साथ ही राज्य सरकार के वकील को भी कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।

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