ज्योतिषीय उपाय: गलती से ऐसे न लगाएं शमी का पौधा, नहीं तो बढ़ेगी परेशानी

नई दिल्ली: वास्तु शास्त्र में ऐसे कई पेड़-पौधे हैं जिनका अपना महत्व है। कई ऐसे होते हैं जिन्हें घर में लगाने से सुख-समृद्धि आती है और साथ ही व्यक्ति के जीवन से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इस सूची में शमी का पौधा शामिल है। जातक के जीवन में ग्रह उसके पक्ष में नहीं होने के कारण नौकरी, व्यवसाय, आर्थिक तंगी, विवाह आदि से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

वहीं वास्तु शास्त्र में शमी का पौधा घर में लगाना शुभ बताया गया है। इस पौधे का सकारात्मक प्रभाव न केवल शनि को शांत करता है बल्कि उन्हें कुंडली में मजबूत भी करता है। हालांकि, अगर शमी का पौधा सही तरीके से नहीं लगाया गया तो यह परेशानी लाने वाला है। अब आज हम आपको बताते हैं कि इस पौधे को सही तरीके से कैसे लगाया जाए।

शनि ग्रह के लिए शमी का पौधा लगाया जाता है। इसलिए इसे शनिवार की सुबह स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद लगाएं। ध्यान रहे कि इसे आप नवरात्रि या दशहरे के दौरान भी लगा सकते हैं।

शमी का पौधा घर के मुख्य द्वार पर या छत पर ही लगाया जाता है। जी हां और अगर आप इसे घर के बाहर लगा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि घर में प्रवेश करते समय यह पौधा आपके बायीं ओर हो।

शमी के पौधे को शनिवार के दिन साफ ​​गमले में या जमीन में लगाना चाहिए।

अगर आप शनिवार के दिन गमले में शमी का पौधा लगा रहे हैं तो उसकी जड़ में 1 रुपए की सुपारी लगाएं। जी हाँ और उसके बाद पौधा लगाएं और अंत में उस पर गंगाजल छिड़क कर पूजा करें.

यदि आप छत पर शमी का पौधा लगा रहे हैं तो उसे दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए। इसे कभी भी अंधेरी या छायादार जगह पर न रखें।

शमी का पौधा लगाने के बाद इस बात का भी ध्यान रखें कि यह पौधा मुरझाए नहीं। दरअसल ऐसा होने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है।