इस देश के सुरक्षाबलों पर 39 बेगुनाह अफगानी लोगों की हत्या का शक!

साथ ही कहा कि इस मामले को तथाकथित वार क्राइम के मामलों को देखने वाले प्रॉसिक्यूटर को सौंपा जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सैन्य अधिकारी ने यह माना कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि उनके विशेष बल ने गैर कानूनी रूप से कम से कम 39 अफगानी नागरिकों और कैदियों की हत्या कर दी है। साथ ही कहा कि इस मामले को तथाकथित वार क्राइम के मामलों को देखने वाले प्रॉसिक्यूटर को सौंपा जाएगा।

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चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स जनरल ऐंगस कैंपबेल ने कहा कि कुछ गश्ती दलों ने कानून अपने हाथ में लिया , नियमों को तोड़ा , झूठी कहानियां बनाई और कैदियों की हत्या की।

कैंपबेल ने ईमानदारी और सादगी से अफगानिस्तान के लोगों से क्षमा याचना की और कहा कि ऑस्ट्रेलियाई विशेष दल के 25 जवानों ने 23 घटनाओं में गलतियां करके अपने रेजीमेंट पर, सशस्त्र बलों पर और ऑस्ट्रेलिया पर धब्बा लगा दिया है।

इस शर्मनाक घटना में कथित रूप से गश्ती दल के नए सदस्य को इस बात के लिए मजबूर किया जाता था कि वह कैदियों को मारे और इस पूरे घटनाक्रम को ब्लडिंग कहा जाता है।

कैंपबेल ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलियाई मिलिट्री के 19 तात्कालिक और पूर्व सदस्यों को स्पेशल इन्वेस्टिगेटर के समक्ष पेश किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि उनको सजा दिलाने के लिए सबूत पर्याप्त हैं या नहीं।

उल्लेखनीय है कि गत 11 सितम्बर 2001 के आतंकवादी घटना के बाद 26,000 से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों को अमेरिकी और मित्र देशों के सैनिकों के साथ अल कायदा, तालिबान और अन्य उग्रवादी संगठनों से लड़ने के लिए भेजा गया था।

ऑस्ट्रेलियाई दल 2013 में अफगानिस्तान छोड़ चुका है, उसके बाद से इस अभिजात सैनिक वर्ग के क्रूर कारनामे सामने आ रहें हैं। इसमें एक हाउस रेड में सुरक्षाबलों ने एक 6 वर्षीय बच्चे को गोली मार दी और एक और घटना में हेलीकॉप्टर में जगह बचाने के लिए एक कैदी को गोली मार दी गई।

 

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