आपके शरीर में दिखे ये लक्षण तो हो जाएं सावधान, कहीं कैंसर तो नहीं है

समय रहते यदि इस बीमारी की पहचान हो जाए तो इंसान की जिंदगी बचाई जा सकती है। आज हम आपको इस बीमारी से जुड़े कुछ लक्षणों के बार में बताएंगे अगर आप मे भी ये लक्षण दिखे तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। शुरुआती स्टेज पर कैंसर का पता लगने से इसका इलाज हो सकता है।

हेल्थ डेस्क। कैंसर बीमारी का नाम सुनते ही लोग कांप उठते हैं। अगर कैंसर के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान नहीं दिया तो ये बीमारी मौत का रूप ले लेती है। फिर इस बीमारी से इंसान को बचाना मुश्किल हो जाती है। समय रहते यदि इस बीमारी की पहचान हो जाए तो इंसान की जिंदगी बचाई जा सकती है। आज हम आपको इस बीमारी से जुड़े कुछ लक्षणों के बार में बताएंगे अगर आप मे भी ये लक्षण दिखे तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। शुरुआती स्टेज पर कैंसर का पता लगने से इसका इलाज हो सकता है।

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कैंसर होने पर महिला और पुरुष दोनों में समान लक्षण देखे जा सकते हैं. डिप्रेशन या फ्लू में इंसान की भूख मर जाती है. कैंसर आपके मेटाबॉलिज्म पर असर डालकर ऐसा कर सकता है. पेट, पैंक्रियाज, बड़ी आंत या ओवेरियन कैंसर होने पर पेट में दबाव महसूस होता है, जिस वजह से आपको भूख नहीं लगती है.

मल में खून आना भी कैंसर का बड़ा वॉर्निंग साइन है. हालांकि अल्सर, बवासीर या इंफेक्शन होने पर भी ऐसा हो सकता है. मल में खून आने का मतलब आपके गैस्ट्रो-इंटसटाइनल ट्रैक्ट में कोई समस्या है. मल के रास्ते आने वाला खून अगर ब्राइट है तो रेक्टम (मलाशय) या इंटस्टाइन की दिक्कत हो सकती है. डार्क कलर पेट के अल्सर की तरफ इशारा करता है. हालांकि दोनों ही सूरतों में इसकी जांच कराना जरूरी है.

पेशाब में खून आना भी कैंसर का एक बड़ा संकेत है. ये किडनी या ब्लैडर कैंसर का लक्षण हो सकता है. हालांकि पथरी (किडनी स्टोन) या किडनी डिसीज होने पर भी ऐसी समस्या होती है. ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से इसकी जांच करवानी चाहिए.

अगर आपको लंबे समय से खांसी है और इलाज के बाद भी आराम नहीं आया तो फेफड़ों के कैंसर की जांच करवा लीजिए. फेफड़ों का कैंसर होने पर छाती में दर्द, वजन घटना, गला बैठना, थकावट और सांस में तकलीफ हो सकती है. ऐसे लक्षण कोल्ड-फ्लू में भी देखने को मिलते हैं. इसलिए इसकी जांच जरूर करवानी चाहिए.

कैंसर की एक खास पहचान ये भी है कि इंसान को सामान्य तौर पर होने वाली थकान नहीं होती है. ये बहुत ज्यादा होती है, जो कभी दूर ही नहीं होती. अगर आप फिजिकल एक्टिवटी में कोई ऐसा बदलाव महसूस करते हैं या आपको बहुत ज्यादा नींद आने लगी है तो कुछ गड़बड़ हो सकती है.

इंफेक्शन या फ्लू होने पर शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है. इंसान को बुखार चढ़ जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं लिम्फोमा, ल्यूकेमिया और किडनी-लिवर में होने वाले कैंसर में भी मरीज को ये दिक्कत होती है. कैंसर में बुखार अचानक चढ़ता है और दिन के वक्त उतर जाता है. अगर शरीर का तापमान अब 100.5 डिग्री से ज्यादा रहने लगा है तो डॉक्टर से मिलने की जरूरत है.

मुंह, गला, थाइरॉयड और वॉइस बॉक्स में गांठ कैंसर का लक्षण होता है. हालांकि ये कोई इंफ्केशन भी हो सकता है. कैंसर की गांठ में कभी दर्द नहीं होता है. ये कभी दूर नहीं होती है और धीरे-धीरे बढ़ती रहती है. अगर आपके साथ ऐसी समस्या है तो डॉक्टर से तुरंत जांच कराएं.

रात के वक्त पसीना आना भी कैंसर का बड़ा वॉर्निंग साइन है. हालांकि मिडिल एज की महिलाओं में मेनोपॉज के कारण भी ऐसी समस्या अक्सर होती है. लेकिन कैंसर का खतरा न बढ़े इसलिए इसकी जांच करवा लें.

अगर आप स्किन में अचानक कोई बदलाव महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करिए. स्किन में मोटापन, स्किन के रंग में बदलाव या उसकी शेप खराब होना कैंसर की तरफ इशारा करते हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पांच में से दो कैंसर मरीजों को वजन घटने की शिकायत होती है. हालांकि इसके कई और भी कारण हो सकते हैं. लेकिन सामान्य से ज्यादा वजन घटने पर डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं.

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