अयोध्या में भूमि पूजन से पहले कांग्रेस भी यह संदेश देने में जुटी, ‘भगवान राम उसके भी हैं’

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार
केंद्र से लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार 5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के लिए भव्य एवं ऐतिहासिक रूप देने में जुटी हुई है । इस शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पार्टी को दरकिनार कर भाजपा के नेता अपना पूरा श्रेय लेने के लिए जश्न में डूबे हुए हैं । भाजपा के भूमि पूजन कार्यक्रम में एक भी कांग्रेसी नेताओं को आमंत्रित नहीं किया गया है । इसके बावजूद कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा के इस धार्मिक कार्यक्रम में अपनी एंट्री कर दी है । भूमि पूजन से एक दिन पहले कांग्रेस ने भाजपा को यह बताने का साफ संदेश दिया है कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम सभी के हैं।

priyanka kamalnath

कांग्रेसियों ने कहा कि इस भूमि पूजन को लेकर भाजपा अपना गुणगान न करें । सबसे पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने राम मंदिर निर्माण भूमि पूजन से पहले बड़ा बयान दिया है । प्रियंका गांधी ने कहा है कि राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं । सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु । प्रियंका ने कहा है कि रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने, प्रियंका का ये बयान इस लिहाज से अहम है कि पहली बार गांधी-नेहरू परिवार के किसी सदस्य ने इस तरह का बयान दिया है और राम मंदिर से जुड़े किसी कार्यक्रम का समर्थन किया । दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी भाजपा की ओर इशारा करते हुए कहां कि राजनीति का धर्म होना चाहिए, धर्म की राजनीति नहीं, यही राम की मर्यादा है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ‘भगवा रंग’ में रंगे नजर आए—-

भाजपा के 5 अगस्त को होने वाले अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन शिलान्यास से पहले कांग्रेस में खलबली मची हुई है । कांग्रेसी नेताओं को लगने लगा है कि भाजपा ने एक बार फिर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बहाने हिंदुत्व कार्ड खेला है । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मंगलवार को भोपाल में पूरे भगवा रंग में नजर आए । यही नहीं उन्होंने बाकायदा अपने घर में हनुमान चालीसा का पाठ भी करवाया । अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कल होने जा रहे भूमि पूजन से ठीक एक दिन पहले भोपाल में उनके सरकारी घर में राम दरबार लगाया गया है ।

कमलनाथ के इस राम दरबार में कई कांग्रेसी दिग्गज नेता भी प्रभु श्री राम का गुणगान करते नजर आए । कमलनाथ के हनुमान चालीसा के पाठ को कांग्रेस ने अब अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम का जवाब बना लिया है । वैसे यहां हम आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ हनुमान के बड़े भक्त माने जाते हैं । उन्होंने अभी कुछ समय पहले ही मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक हनुमान प्रतिमा की स्थापना भी की थी । दूसरी ओर कमलनाथ के इस भगवा रंग में मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं ने एतराज जताते हुए उन्हें ढोंग करार दिया है ।

कांग्रेस भी अपनी विचारधारा में बदलाव की ओर हो रही है अग्रसर—-

राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन को लेकर कांग्रेस नेताओं के जो बयान आए हैं वह साफ संकेत देते हैं कि कांग्रेस अब अपनी रणनीति में बदलाव करने के लिए सोच रही है । यानी अपनी विचारधारा में धर्म को भी स्थान देने का मन बना चुकी है । बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से प्रियंका गांधी यूपी में लगातार सक्रिय हैं, और उनके इस बयान को कांग्रेस की रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है । गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देशभर के कई मंदिरों में जाकर पूजा-पाठ भी की थी । हालांकि राहुल के इस मंदिर दौरे को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर जबरदस्त हमला भी बोला था ।

दूसरी और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने हर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से हनुमान चालीसा पाठ करने के लिए सलाह दी है । कमलनाथ के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा है कि भक्तों को इतना नासमझ माना जा रहा कि एक तरफ सुंदरकांड हो और दूसरी तरफ कांग्रेस का लंका कांड की तरह ढहाने का कांड हो। उनका इशारा दिग्विजय सिंह की तरफ था । गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि उसका एक नेता सुंदर कांड कराने की बात करता है तो दूसरा लंका कांड में व्यस्त है। राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस का स्वांग अब और नहीं चलेगा।

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