Up kiran,Digital Desk : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान अपनाई गई कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
पिछले पत्र का जिक्र और गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने अपने पिछले पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उस पत्र में उन्होंने कई मुद्दों की ओर इशारा किया था, जिससे नागरिकों को कथित रूप से भारी परेशानी और तकलीफ हुई। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 140 लोगों की मौत हुई। ममता बनर्जी ने कहा कि यह अभ्यास मौजूदा कानून और नियमों का उल्लंघन करता है और मानवाधिकारों तथा बुनियादी मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी करता है।
माइक्रो ऑब्जर्वर्स पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान पहली बार लगभग 8,100 सूक्ष्म पर्यवेक्षक (Micro Observers) तैनात किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पर्यवेक्षकों को इस संवेदनशील और अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया में पर्याप्त प्रशिक्षण या विशेषज्ञता के बिना तैनात किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान सूक्ष्म पर्यवेक्षक की भूमिका, कार्य और अधिकार न तो 1950 के जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में परिभाषित हैं, न ही मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 या किसी अन्य वैधानिक व्यवस्था में इसकी अनुमति दी गई है।


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