बंगाल फतह के लिए BJP पर चढ़ा बंगाली खुमार, पार्टी ने इन नेताओं को मैदान में उतारा

विधानसभा इलेक्शन में ममता बनर्जी के विरूद्ध जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर और BJP के पक्ष में माहौल को देखते हुए पार्टी राज्य की सत्ता तक पहुंचने में कोई कसर बाकी रखना नहीं चाहती।

विधानसभा इलेक्शन में ममता बनर्जी के विरूद्ध जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर और BJP के पक्ष में माहौल को देखते हुए पार्टी राज्य की सत्ता तक पहुंचने में कोई कसर बाकी रखना नहीं चाहती। इसीलिए बंगाल की सभ्यता संस्कृति और भले मानस के बीच घुल-मिल जाने के लिए पार्टी ने बंगालियत को न केवल अपनाया है बल्कि उसे नीतियों और सांगठनिक सोच में भी ढालना शुरू कर दिया है।

Amit shah

सूत्रों के अनुसार बंगाल में आम जनमानस के बीच पार्टी की पैठ सुनिश्चित करने व सांगठनिक‌ जड़ें और गहरी करने का सूत्रधार राज्य के उन सभी जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को बनाया गया है जो जीवन पर्यंत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। यानी राज्य में BJP की सरकार बनने की पटकथा, नींव की ईंट बनकर संघ के स्वयंसेवक लिख रहे हैं। यही वजह है कि बंगाल में BJP ने जिन 13 कद्दावर नेताओं को जमीनी तौर पर जनसंपर्क और सांगठनिक जड़ें मजबूत करने के लिए भेजा है वे सारे संघ बैकग्राउंड से हैं।

बंगा‌ल के आम लोगों के बीच स्वीकार्यता ही BJP का मूल लक्ष्य है। इसलिए पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने भी विश्वभारती विश्वविद्यालय के समारोह में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कुछ कविताएं बांग्ला में पढ़ी थीं। दशहरा के दौरान भी BJP की ओर से आयोजित विजया सम्मिलनी के मौके पर भोजन की फेहरिस्त में बंगाली व्यंजनों की भरमार थी। इसके अलावा बंगाली थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।

इन केंद्रीय नेताओं को भेजा गया है बंगाल

बंगाल में जमीनी स्तर पर पैठ बनाने के लिए BJP ने पांच संगठन महासचिवों तथा आठ मंत्रियों को मैदान में उतारा है। आरएसएस से BJP में आए इन महासचिवों को जनसंपर्क में महारथ माना जाता है। इनमें सुनील बंसल, भीखूभाई दलसानिया, रवींद्र राजू, पवन राणा व रत्नाकर शामिल हैं। इसके अलावा आठ मंत्रियों संजीव बालियान, गजेंद्र सिंह शेखावत, नित्यानंद राय, अर्जुन मुंडा, नरोत्तम मिश्रा, मनसुख मांडविया, केशव प्रसाद मौर्य और प्रह्लाद सिंह पटेल को बंगाल के सभी हिस्सों में प्रचार के लिए भेजा गया है।

सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री व BJP के‌ चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह के निर्देश पर ये सभी नेता बांग्ला सीखने के साथ बंगाली संस्कृति, खानपान की आदतें भी डाल रहे हैं जो आनेवाले दिनों में इन्हें आम लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।

 

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