बड़ा सवाल : हार के बाद भी ट्रंप ने व्हाइट हाउस नहीं छोड़ा तो क्या होगा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फिर से व्हाइट हाउस में चार साल के लिए सत्तारूढ़ होने की सभी संभावनाएं तकरीबन धूमिल हो चुकी हैं।

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फिर से व्हाइट हाउस में चार साल के लिए सत्तारूढ़ होने की सभी संभावनाएं तकरीबन धूमिल हो चुकी हैं। डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मजबूत बढ़त बना ली है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, बाइडन 264 वोट जीत चुके हैं। ट्रम्प के खाते में 214 वोट हैं। जीत के लिए जरूरी है 270 का आंकड़ा। निर्णायक माने जा रहे तीन स्टेट्स विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेनसिल्वेनिया में से दो विस्कॉन्सिन और मिशिगन में बाइडन ने जीत हासिल कर ली है. इन राज्यों के नतीजे ही निर्णायक साबित हो सकते हैं।

Trump

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो चुनाव जीत रहे हैं मगर वोट काउंटिंग में फ्रॉड रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।  डोनाल्ड ट्रंप अभी से जिस तरह का रुख अपना रहे हैं उसे देखने के बाद लग रहा है कि वह इस चुनाव में हार गए तब भी व्हाइट हाउस को इतनी आसानी से नहीं छोड़ेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस रुख को देखने के बाद दुनियाभर में इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है कि अगर चुनाव में हार के बाद भी राष्ट्रपति पद छोड़ने से इनकार कर दिया तब क्या होगा। बता दें कि अगर कोई तत्कालीन राष्ट्रपति दूसरी बार चुनाव में खड़ा होता है और हार जाता है और व्हाइट हाउस से नहीं निकलता है तोउसे सत्ता से हटाने के लिए नवनिर्वाचित राष्ट्रपति और सीक्रेट सर्विस की भूमिका अहम हो जाती है।

बता दें कि हारने वाला राष्ट्रपति कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अगर व्हाइट हाउस से हटने को तैयार नहीं होता तो नव-निर्वाचित राष्ट्रपति को संभवतः उस व्यक्ति को परिसर से निकालने के लिए सीक्रेट सर्विस को निर्देश देने की शक्ति होती है।
अमेरिका के संविधान में नहीं है इसका कोई जिक्र

यहां पर गौर करने वाली बात ये है कि अगर कोई राष्ट्रपति हारने के बाद अपने पद से हटने को तैयार नहीं होता और व्हाइट हाउस पर कब्जा जमाकर रखता है तो ऐसे राष्ट्रपति के साथ क्या किया जाए इसके बारे में अमेरिका के संविधान में कोई बात नहीं कही गई है। अंग्रेजी वेबसाइट इंडिपेंडेंट के मुताबिक, अमेरिका के संविधान में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि अगर राष्ट्रपति अपने पद से हटने को तैयार नहीं होता तो उसे कैसे हटाया जा सकता है।

ट्रंप ने इमेल और डाक वोटिंग पर जताया है शक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को देखते हुए जो बाइडन ने अभी से वकीलों और संवैधानिक कानून के जानकारों की सलाह लेना शुरू कर दिया हैय़ बाइडन को भी इस बात की खबर है कि ट्रंप ने जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है उसके बाद उन्हें थोड़ी परेशानी तो होगी। बता दें कि ट्रंप ने इमेल के जरिए वोटिंग में धांधली होने का आरोप लगाया है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईमेल या डाक के जरिए मतदान पर शक जताया है।

रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है अमेरिकी चुनाव

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में वोटों की गिनती जारी है. जीत के लिए जरूरी 270 का आंकड़ा ना तो अभी डोनाल्ड ट्रंप के पास है और ना ही जो बाइडन के पास. डेमोक्रेट्स पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन हालांकि बहुमत के काफी करीब पहुंचे चुके हैं. बाइडन को अब तक 264 इलेक्टोरल वोट मिले हैं. वहीं, ट्रंप के पास अभी 214 वोट हैं. निर्णायक माने जा रहे तीन स्टेट्स विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेनसिल्वेनिया में से एक विस्कॉन्सिन में बाइडन ने जीत हासिल कर ली है. इन राज्यों के नतीजे ही निर्णायक साबित हो सकते हैं.

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