Bihar Assembly Elections: पीएम मोदी ने खेला आखिरी इमोशनल दांव, कहा…

मोदी ने कहा कि छपरा की भीड़ को देखकर अंदाजा हो गया है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनने वाली है। भीड़ देखकर विपक्षी दलों के लोग बौखला गए हैं। चुनाव सभाएं तो हमने पहले भी देखी हैं, चुनाव में कितनी भी गर्मी आई हो, चुनाव कितना भी नजदीक क्यों न आ गया हो तो भी सुबह 10 बजे से पहले इतनी बड़ी विशाल रैली कभी संभव नहीं होती।

नई दिल्ली, 01 नवम्बर। बिहार विधान सभा चुनाव में मोदी ने बड़ा दांव खेला है। छठ पूजा को लेकर पीएम मोदी ने इमोशनल अंदाज में महिलाओं से अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एनडीए प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने लिए चार रैलियां करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar assembly elections) प्रचार की शुरुआत उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख और करोड़ों के चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक गढ़ छपरा से की।

pm narendra modi

उन्होंने महाआस्था के महापर्व और दीपावली की चर्चा की। छठी मइया और मां गंगे को याद करते हुए कहा, कोरोना के इस संकटकाल में किसी मां को ये चिंता करने की जरूरत नहीं है कि छठ पूजा को कैसे मनाएगी। अरे मेरी मां, आपने अपने बेटे को दिल्ली मैं बैठाया है, तो क्या वो छठ की चिंता नहीं करेगा। मां, तुम छठ की तैयारी करो, दिल्ली में तुम्हारा बेटा बैठा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज कोई भी ऐसा नहीं है, जिसे कोरोना ने प्रभावित न किया हो, जिसका इस महामारी ने नुकसान न किया हो। एनडीए की सरकार कोरोना संकटकाल की शुरुआत से ही एक-एक पल देश के गरीब, बिहार के गरीब के साथ खड़ी रही। दुनिया के बड़े-बड़े देश इस संकट से गुजर रहे हैं।

अमेरिका और यूरोप की जनसंख्या से ज्यादा हमने अन्न के भंडार खोल दिये। 8-8 महीने हो गये। गरीबों को मुफ्त अनाज दे रहे हैं। इसका श्रेय हमारे अन्नदाता और किसानों को जाता है। ऐसे संकट की घड़ी में किसी को भूखे नहीं पड़ा तो यह आपके एक वोट की ताकत है कि हमने ऐसा किया। अगर आपने वोट नहीं दिया होता तो ऐसा संभव नहीं हो पाता।

मोदी ने कहा कि छपरा की भीड़ को देखकर अंदाजा हो गया है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनने वाली है। भीड़ देखकर विपक्षी दलों के लोग बौखला गए हैं। चुनाव सभाएं तो हमने पहले भी देखी हैं, चुनाव में कितनी भी गर्मी आई हो, चुनाव कितना भी नजदीक क्यों न आ गया हो तो भी सुबह 10 बजे से पहले इतनी बड़ी विशाल रैली कभी संभव नहीं होती। लेकिन आपका ये प्रेम कुछ लोगों को अच्छा नहीं लग रहा।

उनकी हताशा-निराशा, उनकी बौखलाहट, उनका गुस्सा अब बिहार की जनता बराबर देख रही है, जिसकी नजर हमेशा गरीब के पैसों पर हो, उसे कभी गरीब का दुख, उनकी तकलीफ दिखाई नहीं देगी। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए का हमारा गठबंधन देश के गरीब के जीवन से, बिहार के गरीब के जीवन से मुश्किलें कम कर रहा है। पहले चरण में लोगों ने भारी मतदान किया है। पहले चरण के मतदान का कुछ पत्रकारों ने जो विश्लेषण किया है उससे साफ नजर आ रहा है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार दोबारा बन रही है।

पीएम ने कहा कि अभी हाल में ही बिहार की मिट्टी के सपूत, गोपालगंज से रिश्‍ता रखने वाले राम खेलावन जी को सेसल्‍स का राष्‍ट्रपति चुना गया है। आप सबने हमेशा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यहां से खाड़ी देशों में जाने वाले लोगों को हमने तमाम सहूलियतें दी हैं। अब पटना जाने की बजाय आपके शहर में ही पासपोर्ट केंद्र खोला गया है।

उन्होंने कहा कि चुनावी पंडितों के कुछ आकलन गलत साबित हुए। पहले चरण में जो मतदान हुआ, उसमें सोचा जा रहा है कि कोरोना के कारण मतदान नहीं होगा, लेकिन बिहार के लोगों ने चुनावी पंडितों की यह धारणा को गलत साबित कर दिया। भारी मतदान हुआ। फिर से बिहार में एनडीए की सरकार बनने जा रही है।

बुजुर्ग महिला ने कहा, मोदी के वोट ना देब त का तहरा देब

प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में एक घटना का जिक्र किया। कहा कि दो-तीन पहले एक वीडियो देख रहा था। उसमें एक व्यक्ति एक बुजुर्ग महिला से पूछ रहा है कि मोदी के काहे खाती वोट देबू। का करले बाड़न तहरा खातिर। उस गरीब मां ने सवाल का एक सांस में जवाब देना शुरू किया तो सवाल करने वाले की बोलती बंद हो गई। उस मां अपने मन के भाव की अभिव्यक्ति की। कहा, मोदी हमरा के नल देहलन, मोदी हमारा के लाइन देहलन, बिजली देलन, कोटा देलन, राशन देलन। पेंशन देलन। मोदी गैस देलन, सुरक्षा देलन त उनका वोट ना देब त का तहरा के देब। पीएम ने कहा, ये आपकी ताकत है।

पुलवामा पर पाक के कबूलनामे ने उनके चेहरे से नकाब हटा दिया

पाकिस्‍तान की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2-3 दिन पहले पड़ोसी देश ने पुलवामा हमले की सच्चाई को स्वीकारा है। इस सच्चाई ने उन लोगों के चेहरे से नकाब हटा दिया जो हमले के बाद अफवाएं फैला रहे थे। उनकी हालत देखने लायक हो गई है। इन लोगों ने हमेशा हमारे वीर सैनिकों, बलिदानियों का अपमान किया है। इनसे जितना दूर रहें उतना ही अच्‍छा है। अब आप सबकी जिम्‍मेवारी है कि बिहार को फिर से बीमार होने से जरूर बचाएं। एक बार फिर नीतीश कुमार की सरकार बनाएं।

मोदी ने कहा कि देश में चौतरफा हो रहे विकास के बीच, आप सभी को उन ताकतों से भी सावधान रहना है, जो अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए देशहित के खिलाफ जाने से भी बाज नहीं आती हैं। ये वो लोग हैं जो देश के वीर जवानों के बलिदान में भी अपना फायदा देखने लगते हैं।

यूपी जैसा होगा जंगलराज वाले डबल युवराज का हाल

रैली में मोदी ने बगैर नाम लिये राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी तंज किया। कहा, बिहार में एक ओर विकास का डबल इंजन है तो दूसरी ओर डबल-डबल युवराज भी हैं। इनमें से एक तो जंगलराज का युवराज है। डबल इंजन वाली एनडीए सरकार, बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ये डबल-डबल युवराज अपने-अपने सिंहासन को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। ये डबल युवराज, बिहार के लिए नहीं सोच सकते, बिहार की जनता के लिए नहीं सोच सकते। उन्होंने कहा कि यूपी में एक बार डबल युवराज काले कोट पहनकर बस के ऊपर चढ़कर लोगों के सामने हाथ हिला रहे थे। यूपी की जनता ने वहां उन्हें घर लौटा दिया था। वहां के एक युवराज अब जंगलराज के युवराज से मिल गये हैं। यूपी में जो डबल-डबल युवराज का हुआ, वो ही बिहार में भी होगा।

सावधान…बाहर लकड़सुंघवा घूम रहा है

प्रधानमंत्री ने राजद की पूर्व सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि बिहार के नौजवान याद करें कि बचपन में उनकी मां क्या कहा करती थीं। वो कहती थीं कि घर के भीतर ही रहो, बाहर मत निकलना, बाहर ‘लकड़सुंघवा’ घूम रहा है। बच्चों की माताएं उन्हें लकड़सुंघवा से क्यों डराती थीं, कौन था ये लकड़सुंघवा, ये लकड़सुंघवा अपहरण करने वाले लोग थे। इन माताओं को डर था अपहरण करने वालों से, किडनैपिंग करने वालों से। ऐसे में बिहार के लोग उनसे क्‍या उम्‍मीद कर सकते हैं। ये लोग जंगलराज की पहचान हैं।

जिसने रघुवंश बाबू का अपमान किया, वे युवाओं को क्या अवसर देंगे

प्रधानमंत्री ने पूर्व आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की चर्चा की। कहा, वे ऐसे नेता थे जिन्होंने हमेशा सोशलिस्ट मूल्यों को आगे बढ़ाया। अपना पूरा जीवन बिहार की सेवा में लगा दिया। उनको कैसे अपमानित किया गया, ये पूरे बिहार ने देखा है। उन्होंने कहा कि जो अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए रघुवंश बाबू जैसे कर्मयोगियों के साथ ऐसा बर्ताव कर सकते हैं, वो बिहार के सामान्य युवाओं को अवसर कैसे दे पाएंगे।

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