पटना में JDU की हाईलेवल बैठक, निशांत कुमार ने दिया एकजुटता का मंत्र; अनंत सिंह की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस
बिहार की राजधानी पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को सियासी हलचल तेज रही। पार्टी नेतृत्व ने आगामी विधान परिषद चुनाव को ध्यान में रखते हुए विधायकों, पूर्व विधायकों, विधान पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।
इस बैठक की खास बात यह रही कि नीतीश कुमार के पुत्र और सम्राट चौधरी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की सीधी मौजूदगी में पूरी रणनीति तैयार की गई। मुख्य एजेंडा पटना स्नातक विधान परिषद क्षेत्र सहित सभी 8 सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करने और नेताओं के बीच अंदरूनी खींचतान को समय रहते खत्म करने का था।
पटना स्नातक सीट को लेकर निशांत कुमार का एकजुटता का मंत्र
बैठक में मुख्य प्रवक्ता व पटना स्नातक सीट के प्रत्याशी नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी रही। बैठक खत्म होने के बाद एमएलसी नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दो टूक शब्दों में पार्टी के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने की अपील की है ताकि एनडीए की शत-प्रतिशत जीत तय की जा सके।
जब पत्रकारों ने अनंत सिंह की नाराजगी को लेकर सवाल दागा, तो नीरज कुमार ने मामले को शांत करते हुए कहा कि पार्टी में कोई मनमुटाव नहीं है और यदि अनंत सिंह नाराज होते तो वे सीधे इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल ही नहीं होते। सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से निशांत कुमार के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
उमेश कुशवाहा और श्रवण कुमार को मिली डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य मकसद अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बने तल्ख सियासी समीकरणों को साधना था। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार को दोनों कद्दावर नेताओं के बीच सुलह कराने का जिम्मा सौंपा गया है।
बैठक से बाहर आने पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जनता दल यूनाइटेड पूरी तरह अनुशासित और एकजुट है। पार्टी पटना सहित विधान परिषद की सभी सीटों पर सकारात्मक रणनीति के साथ चुनाव लड़ेगी और गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के साथ भी समन्वय बनाकर आगे बढ़ा जाएगा। अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि बैठक के दौरान निशांत कुमार के दिशा-निर्देशों पर अनंत सिंह ने भी कोई सीधा विरोध दर्ज नहीं कराया।
अनंत सिंह की चुप्पी और बाढ़ में दिया गया सियासी बयान
बैठक खत्म होने के बाद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का रुख बेहद रहस्यमयी रहा। उन्होंने मीडियाकर्मियों से पूरी तरह दूरी बना ली। पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के बजाय वे सीधे अपनी गाड़ी में सवार हो गए और शीशा तक नीचे नहीं किया। दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब बाढ़ के बेढ़ना गांव में जहरीली शराब से जान गंवाने वाले युवकों के परिजनों से मिलने पहुंचे अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट को लेकर बड़ा दावा कर दिया था। उस दौरान उन्होंने खुलकर कहा था कि वे इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी अनुज कुमार का समर्थन करेंगे और इस क्षेत्र की सभी 26 विधानसभाओं के कार्यकर्ता अनुज के साथ खड़े हैं। नीरज कुमार के समर्थन के सवाल पर अनंत सिंह ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा था कि जो हमारा समर्थन नहीं करता, हम उसका समर्थन कैसे कर सकते हैं। पार्टी नेतृत्व अब इसी दरार को भरने में पूरी ताकत झोंक रहा है।