'लालू यादव एक विचारधारा और यूनिवर्सिटी हैं', स्थापना दिवस कार्यक्रम में तेजस्वी का नीतीश सरकार पर करारा हमला

'लालू यादव एक विचारधारा और यूनिवर्सिटी हैं', स्थापना दिवस कार्यक्रम में तेजस्वी का नीतीश सरकार पर करारा हमला

बिहार में विधानसभा चुनाव की सियासी सुगबुगाहट के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने स्थापना दिवस के बहाने शक्ति प्रदर्शन और सांगठनिक मजबूती का बिगुल फूंक दिया है। पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सूबे की मौजूदा सरकार पर चौतरफा हमला बोला। तेजस्वी ने अपने पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को बिहार व देश की राजनीति का केंद्र बिंदु बताते हुए विरोधियों को आड़े हाथों लिया।

5 जुलाई को है स्थापना दिवस, 4 दिनों तक जिलों में चलेंगे कार्यक्रम

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने बताया कि वैसे तो राष्ट्रीय जनता दल का आधिकारिक स्थापना दिवस 5 जुलाई को है, लेकिन पटना में राज्य स्तरीय बड़े आयोजन के कारण जिला स्तर के कार्यकर्ता छूट जाते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार रणनीति बदली गई है और आज से अगले 4 दिनों तक बिहार के सभी जिलों में स्थापना दिवस के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि जमीनी स्तर पर संगठन को धार दी जा सके।

'लालू यादव को गाली देना बीजेपी में आगे बढ़ने का फैशन'

तेजस्वी यादव ने लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक सफर और सिद्धांतों की तारीफ करते हुए कहा, "लालू जी ने साल 1997 में विपरीत परिस्थितियों में इस पार्टी की स्थापना की थी। वे एक ऐसे विरले नेता हैं जो सामने खड़ी महाशक्तियों के आगे भी कभी अपनी विचारधारा और वादों से पीछे नहीं हटे। लालू यादव सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि अपने आप में एक विचारधारा, एक विज्ञान और राजनीति की जीती-जागती यूनिवर्सिटी हैं।"

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा, "आज उन्हें (सम्राट चौधरी) सिर्फ इसलिए लालू यादव को गालियां देनी पड़ रही हैं क्योंकि उन पर खुद को 'ओरिजिनल भाजपाई' साबित करने का दबाव है। आजकल यह नया फैशन बन गया है कि जो भी लालू जी को जितनी ज्यादा गाली देगा, बीजेपी उसे उतना ही आगे बढ़ाएगी।" उन्होंने दावों के साथ कहा कि लालू यादव के योगदान के बिना बिहार और देश की राजनीति की कल्पना करना भी असंभव है।

'रिमोट कंट्रोल से चल रही है सरकार, अमित शाह हैं असली बॉस'

राज्य की वित्तीय स्थिति और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को बुरी तरह घेरा। उन्होंने पूछा कि आखिर बिहार का खजाना खाली क्यों है? तेजस्वी ने आरोप लगाया, "आज सूबे में कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं, विकास योजनाओं के लिए धन का अभाव है और यहां तक कि विधायकों के फंड को भी रोक दिया गया है। कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण पूरा सिस्टम बेपटरी हो चुका है।"

हमले को और आक्रामक बनाते हुए तेजस्वी ने कहा, "यह सरकार पूरी तरह से दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाई जा रही है। इसके असली संचालक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं।"

'भीड़ जुटाने से ज्यादा संगठन को मजबूत करने पर दें ध्यान'

गरीबों के आशियानों पर चल रहे बुलडोजर का मुद्दा उठाते हुए तेजस्वी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल रैलियों में भीड़ जुटाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बूथ और पंचायत स्तर पर संगठन को फौलादी बनाना होगा। उन्होंने मंच पर बैठे वरिष्ठ नेताओं से कहा, "सिर्फ मेरे अकेले सड़क पर निकलने या यात्रा करने से परिवर्तन नहीं आएगा। जब तक मंच पर बैठा हर एक नेता जमीन पर उतरकर पसीना नहीं बहाएगा, तब तक हम बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर सकते।"

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