यूपी के इस जिले में जिपं अध्यक्ष बनाने के लिए BJP को चाहिए इतनी सीटें, जोड़-तोड़ शुरू

तमाम अव्यवस्थाओं के बीच करीब 55 घंटों के जी-तोड़ मेहनत के बाद जनपद के चुनाव अधिकारी चुनाव मतगणना संपन्न करा सके।

झांसी। तमाम अव्यवस्थाओं के बीच करीब 55 घंटों के जी-तोड़ मेहनत के बाद जनपद के चुनाव अधिकारी चुनाव मतगणना संपन्न करा सके। हालांकि इससे एक दिन पूर्व ही जिला पंचायत सदस्यों को छोड़कर बाकी अन्य पदों की मतगणना पूरी कर ली गई थी। मंगलवार की देर रात जैसे ही मतगणना संपन्न हुई और जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम घोषित हुए अपने अपने स्तर पर जोड़-तोड़ एक्सप्रेस चल पड़ी।
जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की लालसा लिए सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने अपना मैनेजमेंट भी शुरू कर दिया। इसका उदाहरण कल देर शाम साकिन सीट पर जीते हुए बसपा के उम्मीदवार का प्रमाण पत्र उसके हाथों से आनन फानन में गायब हो जाने का था।
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9 सदस्य भारतीय जनता पार्टी से समर्थित जीते

गौरतलब है कि, जनपद के 24 जिला पंचायत सदस्यों में से सर्वाधिक 9 सदस्य भारतीय जनता पार्टी से समर्थित जीते हैं। जबकि समाजवादी पार्टी से समर्थित 4 सदस्यों को ही विजय मिली है। बसपा के 3 और कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़ रहे एक उम्मीदवार को जीत मिली है। इसके अलावा जनपद में सात निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। इनमें से विभिन्न दलों के बागी लोग भी शामिल है। भाजपा अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए 9 सदस्यों के साथ जादुई आंकड़े के करीब पहुंच गई है, लेकिन 4 सदस्यों के लिए उसे जोड़-तोड़ के लिए जोर आजमाइश करनी पड़ रही है। परिणाम आने के बाद बागियों को अपने अपने स्तर से मनाने का दौर चल रहा है। यही नहीं उन्हें तोड़ने के लिए साम-दाम-दंड-भेद सारे तरीकों को अपनाया जा रहा है।
सूत्रों की माने तो इस जोड़-तोड़ की जिम्मेदारी क्षेत्रीय विधायकों को दी गई है। सभी को उनके कार्यों पर भी लगा दिया गया है । यही नहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के लिए दावेदारी ठोकने वाले सभी उम्मीदवारों को बता दिया गया है कि जो जितना बेहतर मैनेजमेंट कर सकेगा उसका नाम जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए ऊपर भिजवा दिया जाएगा। इस कार्य के लिए बीती शाम भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर रणनीति भी बनाई गई।

यह है विभिन्न दलों के विजयी सदस्य

जिला पंचायत सदस्यों में भारतीय जनता पार्टी समर्थित जीते हुए उम्मीदवार बालकिशन, पवन कुमार, विनीता कुशवाहा, रोहित राजपूत, राजपति, किरण देवी, प्रतिपाल सिंह, रजनी देवी व लुधनीवाली आदि शामिल है। जबकि सपा के वीर सिंह, आशा, हेमंत व नृपेंद्र आदि शामिल है। बसपा के जयपाल, चंदन व अंजना देवी तथा कांग्रेसी नेहा विजय रही हैं। इसके अलावा निर्दलीय विवेक राजपूत, रश्मि, रजनी देवी, बृजेंद्र यादव, अमनदीप, मेवा देवी व अजय सिंह विजई हुए हैं।

10 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार रहे दूसरे नम्बर पर

जनपद की सभी 24 सीटों में से 10 सीटों पर दूसरे नम्बर पर भारतीय जनता पार्टी के समर्थित उम्मीदवार रहे। यही नहीं इनमें से कई तो ऐसे हैं जिनकी हार का आंकड़ा 31 से लेकर 250 मतों का रहा है। जो यह दर्शाता है कि भाजपा की स्थिति खराब नहीं थी,किन्तु संभवतः उम्मीदवार जनता की पसन्द का नहीं रहा। इनमें से उदाहरण के तौर पर साकिन की सीट व खैलार सीट है। जहां भाजपा समर्थित उम्मीदवार महज 38 व 229 मतों से हारे हैं।

जीत के अन्तर का रिकाॅर्ड निर्दलीय के नाम

जीत के अन्तर का रिकार्ड पूरे जनपद में सेमरी सीट के निर्दलीय उम्मीदवार विवेक राजपूत उर्फ गोलू के नाम रहा। विवेक ने 8373 मतों के अन्तर से जीत हासिल की जो जनपद की रिकाॅर्ड जीत बन गई। यह वहीं विवेक राजपूत है जिसने जिला पंचायत सदस्य के लिए भाजपा से समर्थित उम्मीदवार बनाने के लिए भाजपा के एक विधायक के घर के इतने चक्कर लगाए कि उसके जूते भी घिस गए होंगे, लेकिन उसे भाजपा समर्थित उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसके बाद बागी बनकर उसने निर्दलीय नामांकन करते हुए उम्मीदवारी ठोंक दी। परिणाम आज सबके सामने है।

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