मेरे पति को वापस ले आइए, कोबरा कमांडो की पत्नी की पीएम व गृहमंत्री से गुहार

नक्सलियों के कब्जे में हैं राकेश्वर सिंह मनहास

डेस्क। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार को हुई मुठभेड़ के बाद से सीआरपीएफ का एक 35 वर्षीय कोबरा कमांडो लापता है। अपुष्ट खबरों के अनुसार राकेश्वर सिंह मनहास नाम का लापता जवान नक्सलियों के कब्जे में है। नक्सलियों ने सोमवार को स्थानीय पत्रकारों को इस बात की सूचना दी थी। मनहास की पत्नी ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपने पति की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि यदि मेरे पति सुरक्षित हैं तो उन्हें वापस लाइए जैसे अभिनंदन को पाकिस्तान से वापस लाया था।

सीआरपीएफ का कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मनहास कोथियन जम्मू कश्मीर निवासी हैं। इस समय वह बीजापुर में तैनात थे। शनिवार को नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन में वह भी शामिल थे। मुठभेड़ के बाद से उन्हें लापता बताया जा रहा था।

खबरों के मुताबिक कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मनहास को मुठभेड़ स्थल से थोड़ी दूर एक गांव में रखा गया है। आसपास नक्सलियों का पहरा है। इसकी जानकारी होने पर जवान की पत्नी मीनू ने नक्सलियों से अपने पति को रिहा करने की अपील की है।

हालांकि अभी तक सीआरपीएफ ने राकेश्वर सिंह मनहास के बारे कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजानिक नहीं की है। सीआरपीएफ के वरिष्‍ठ अधिकारी के मुताबिक़ लापता जवान के नक्सलियों के कब्जे में होने के दावे को लेकर हमारे पास कोई ठोस सबूत नहीं है लेकिन फिर इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता है।

सीआरपीएफ के वरिष्‍ठअधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों की कई इकाइयां अभी भी जंगलों में राकेश्वर सिंह की तलाश कर रही है। सर्च अभियान के दौरान मिल रहे इनपुट से लगता है कि राकेश्वर सिंह नक्सलियों के कब्जे में हैं।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार को सीआरपीएफ और नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 24 जवाज शहीद हो गए था, जबकि लगभग दो दर्जन से अधिक जवान घायल हैं। घायल जवानों का विभिन्न असोटालों में इलाज चल रहा है। मुठभेड़ के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने है लेवल मीटिंग कर कहा है कि अब जल्द ही नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा।

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